धनतेरस से ठीक पहले अच्छी खबर आई है। 28 अक्टूबर को सोने की कीमतों में गिरावट आई। 29 अक्टूबर को धनतेरस है। ग्राहकों को अब धनतेरस पर गोल्ड ज्वैलरी या कॉइन खरीदने के लिए ज्यादा कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी। धनतरेस और दिवाली पर गोल्ड खरीदना शुभ माना जाता है। दशकों से लोग दोनों ही मौकों पर गोल्ड खरीदते हैं। 28 अक्टूबर को स्पॉट गोल्ड 0.5 फीसदी गिरकर 2,733.01 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.3 फीसदी गिरावट के साथ 2,745.5 डॉलर प्रति औंस था।
इंडिया में 24 कैरेट गोल्ड का भाव 80,430 रुपये प्रति 10 ग्राम था। 22 कैरेट गोल्ड का भाव 73,740 रुपये प्रति 10 ग्राम था। गोल्ड ज्लैवरी बनाने के लिए 22 कैरेट गोल्ड का इस्तेमाल होता है। डॉलर में मजबूती का असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ा है। अक्टूबर में डॉलर इंडेक्स 0.2 फीसदी चढ़ा। यह अप्रैल के बाद गोल्ड इंडेक्स में किसी एक महीने में सबसे ज्यादा मजबूती है। डॉलर के मजबूत होने का असर सोने की कीमतों पर पड़ता है।
केसीएम ट्रेड में चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर ने कहा कि जापान में चुनाव के बाद से अमेरिकी डॉलर में मजबूती दिखी है। इससे सोने की चमक फीकी पड़ी है। हालांकि, अब भी गोल्ड में तेजी की उम्मीद बनी हुई है। यह 2,800 डॉलर प्रति औंस की तरफ बढ़ता दिख रहा है। लेकिन, इस पर अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों का असर पड़ेगा। इस हफ्ते अमेरिका में इकोनॉमी से जुड़े कई डेटा आने वाले हैं। इनका असर गोल्ड पर पड़ने की उम्मीद है।
अमेरिकी इकोनॉमी से जुड़े डेटा पर फेडरल रिजर्व का अगला कदम निर्भर करेगा। माना जा रहा है कि नवंबर में अमेरिकी केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट में एक-चौथाई फीसदी की कमी कर सकता है। इंटरेस्ट रेट घटने पर सोने की चमक बढ़ती है। पिछले हफ्ते गोल्ड 2,758 डॉलर के ऑल-टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया था। सोने की कीमतों में तेजी में मिडिलईस्ट टेंशन का हाथ है। इनवेस्टर्स लड़ाई बढ़ने के डर से सोने में निवेश कर रहे हैं। सोनों को निवेश का सबसे सुरक्षित माध्यम माना जाता है।
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क्या आपको गोल्ड खरीदना चाहिए?
जर्मिनेट इनवेस्टर्स सर्विसेज के सीईओ संतोष जोसफ ने कहा कि अभी जो वैश्विक स्थिति है, उसे देखते हुए यह सोने में निवेश का सही वक्त है। गोल्ड आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति में पैसे को डूबने से बचाने में मदद करता है। निवेशक सोने में गिरावट के हर मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए कर सकते हैं। निवेशक के पोर्टफोलियो में गोल्ड की 5-10 फीसदी हिस्सेदारी जरूरी है। धनतरेस से ठीक पहले सोने में गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का अच्छा मौका है।