Draft Income Tax Rules: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कुछ दिन पहले ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 पेश किया था। इनकम टैक्स के कई नियम बदलने जा रहे हैं। इसका असर सभी तरह के टैक्सपेयर्स पर पड़ेगा। कई नियमों में बदलाव की वजह से सैलरीड टैक्सपेयर्स का पे स्ट्रक्चर भी बदल जाएगा। कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के लागू होने के बाद फिर से इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम का आकर्षण बढ़ सकता है। आइए ऐसे कुछ बदलावों के बारे में जानते हैं जिनका असर इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स पर पड़ने वाला है।
फॉर्म 16 का नंबर बदलकर 130 हो जाएगा
नए नियमों के तहत काफी ज्यादा इस्तेमाल होने वाले कुछ फॉर्म्स के नाम भी बदल जाएंगे। इनमें फॉर्म 16 और फॉर्म 26एएस शामिल हैं। फॉर्म 16 बदलकर अब फॉर्म 130 हो जाएगा। फॉर्म 26एएस बदलकर फॉर्म 168 हो जाएगा। इन दोनों ही फॉर्म का काफी ज्यादा इस्तेमाल होता है। फॉर्म 16 का संबंध नौकरी करने वाले लोगों से है। एंप्लॉयर हर साल 15 जून तक यह फॉर्म अपने एंप्लॉयीज को इश्यू करते हैं। इसमें एंप्लॉयीज की इनकम, टीडीएस, टैक्स, डिडक्शंस आदि की जानकारी होती है।
फॉर्म 26एस का नंबर बदलकर 168 हो जाएगा
फॉर्म 26एएस में टैक्सपेयर्स के टैक्स से जुड़े सभी ट्रांजेक्शंस की जानकारी होती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट यह फॉर्म जारी करता है। यह फॉर्म कई पार्ट्स में होता है। इसमें टीडीएस, टीसीएस, एडवान्स टैक्स, टैक्स रिफंड सहित कई तरह की जानकारियां होती हैं। इस फॉर्म को टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स के पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं।
टैक्सपेयर्स पर नहीं बढ़ेगा कंप्लायंस का बोझ
फ्लाई हाई फाइनेंशियल सर्विसेज के फाउंडर और सीईओ ब्रजेश प्रनामी ने बताया कि फॉर्म के नंबर में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि टैक्स के नियम बदल जाएंगे। इस बदलाव से टैक्स पॉलिसी नहीं बदलेगी और कंप्लायंस का बोझ भी नहीं बढ़ेगा। सीए मृणाल मेहता ने कहा कि रिपोर्टिंग फॉरमैट्स फॉर्म 130 और फॉर्म 168 में वही रहेंगे जो अभी फॉर्म 16 और फॉर्म 26एएस में हैं। फाइलिंग प्रोसिजर और उसकी डेडलाइन के बारे में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिफिकेशन इश्यू करेगा।
1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे इनकम टैक्स के नए नियम
इनकम टैक्स एक्ट, 2025 इस साल 1 अप्रैल से लागू होने जा रहा है। इससे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ड्राफ्ट रूल्स इनकम टैक्स, 2026 पेश किया है। इस पर 22 फरवरी तक अपनी राय दी जा सकती है। एक्सपर्ट्स, सीए, टैक्सपेयर्स सहित सभी पक्षों की राय मिलने के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ड्राफ्ट में कुछ जरूरी बदलाव कर सकता है। इसके बाद वह फाइनल नियम पेश करेगा। इसके अगले एक-दो महीने के अंदर पेश हो जाने की उम्मीद है।
अब इनकम टैक्स से जुड़े प्रोसिजर में सिर्फ 'टैक्स ईयर' का इस्तेमाल
मेहता ने कहा कि नए एक्ट के लागू होने के बाद सबसे बड़ा बदलाव टैक्स ईयर के मामले में आएगा। नए नियम में सिर्फ एक टर्म 'टैक्स ईयर' का इस्तेमाल होगा। अभी प्रिवियस ईयर और एसेसमेंट ईयर दो टैक्स ईयर का इस्तेमाल होता है। इससे टैक्सपेयर्स को काफी कनफ्यूजन रहता है। उन्होंने कहा कि फॉर्म 130 और फॉर्म 168 का मतलब टैक्स ईयर 2026-27 होगा। इससे टैक्सपेयर्स को दिक्कत नहीं होगी।