'बाय नाउ पे लेटर' के जाल में फंस रही है युवा पीढ़ी! आसान कर्ज दे रहा गहरा तनाव, क्या आप भी हैं कर्ज के जाल में?

Buy Now Pay Later-Debt Cycles: शुरुआत में ये उधार बहुत छोटे लगते हैं। किसी ऐप पर 'Buy Now Pay Later' से की गई खरीदारी, किसी ऐप के जरिए लिया गया छोटा पर्सनल लोन, या क्रेडिट कार्ड का बिल। अलग-अलग ऐप पर लिए गए ये छोटे-छोटे कर्ज अकेले में समस्या नहीं लगते, लेकिन जब ये सब एक साथ जुड़ते हैं, तो बजट पर दबाव बहुत तेजी से बढ़ता है

अपडेटेड Mar 22, 2026 पर 10:25 AM
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कई कंपनियां 'जीरो परसेंट इंटरेस्ट' का वादा करती हैं, जो बहुत आकर्षक लगता है, लेकिन असल खेल इसकी बारीकियों में है

Debt Cycles: आज के दौर में कर्ज लेना बहुत आसान हो गया। बस एक स्वाइप, एक टैप या चेकआउट के समय 'पे लेटर' चुनकर आप कर्ज ले लेते हैं। कोई लंबा फॉर्म नहीं, कोई इंतजार नहीं और बिना ज्यादा तामझाम के तुरंत काम हो जाता है। क्रेडिट इतना आसान हो गया है कि यह रोजमर्रा के खर्चों में घुल-मिल गया है। हालांकि, अगर इनका मैनेजमेंट सही से नहीं किया जाए तो ये छोटे-छोटे कर्ज बड़ा सिरदर्द बन सकते है। यही वजह है कि इसके जोखिम को समझना जरूरी हो जाता है।

शुरुआत में कई कंपनियां 'जीरो परसेंट इंटरेस्ट' का वादा करती हैं, जो बहुत आकर्षक लगता है। लेकिन असल खेल इसकी बारीकियों में है। एक भी पेमेंट मिस होने पर लेट फीस और भारी जुर्माना लगता है। इसके साथ ही एक निश्चित अवधि के बाद ब्याज दरें इतनी तेजी से बढ़ती हैं कि मूल रकम से ज्यादा ब्याज हो जाता है।

छोटी रकम पर बन सकती है बड़ी मुसीबत


शुरुआत में ये उधार बहुत छोटे लगते हैं। किसी ऐप पर 'Buy Now Pay Later' से की गई खरीदारी, किसी ऐप के जरिए लिया गया छोटा पर्सनल लोन, या क्रेडिट कार्ड का बिल। अलग-अलग ऐप पर लिए गए ये छोटे-छोटे कर्ज अकेले में समस्या नहीं लगते, लेकिन जब ये सब एक साथ जुड़ते हैं, तो बजट पर दबाव बहुत तेजी से बढ़ता है। क्योंकि ये उधारी कई अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर फैली होती है, इसलिए अक्सर युवाओं को यह पता ही नहीं चलता कि उन पर कुल कितना कर्ज हो गया है। दिखने में छोटा लगने वाले ये कर्ज जोड़ने पर बहुत ज्यादा हो जाते है और उनके रीपेमेंट पर समस्या आने लगती है।

एक को चुकाने के लिए लेना पड़ता है दूसरा लोन?

कर्ज का तनाव तब शुरू होता है जब अलग-अलग ऐप्स, अलग-अलग तारीखें और अलग-अलग ब्याज दरें आपस में टकराने लगती हैं। एक भुगतान करने के लिए दूसरा लोन लेना पड़ता है। यहीं से 'डेट ट्रैप' यानी कर्ज के जाल की शुरुआत होती है। यह किसी एक बड़ी गलती से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे फैसलों के एक साथ जमा होने से होता है जो शुरुआत में बहुत आसान लगते है।

लाइफस्टाइल और सोशल मीडिया का दबाव

आजकल हर जगह घूमने-फिरने, गैजेट्स और बाहर खाने का दिखावा सामान्य हो गया है। सोशल मीडिया के प्रभाव में युवाओं को लगता है कि उन्हें किसी चीज के लिए रुकने की जरूरत नहीं है। आसान क्रेडिट उन्हें यह भ्रम देता है कि वे 'अभी मजे कर सकते हैं और बाद में चुका सकते हैं।' समस्या तब आती है जब खर्च तो बढ़ जाता है, लेकिन आपकी आमदनी उस रफ्तार से नहीं बढ़ती।

क्या आप भी कर्ज के जाल में हैं? ये है खतरे के 7 संकेत

अगर आपके साथ ये चीजें हो रही हैं, तो संभल जाने का वक्त है:

  1. आप एक लोन चुकाने के लिए दूसरा लोन ले रहे हैं।
  2. आपको ठीक-ठीक पता नहीं है कि कुल कितना कर्ज है।
  3. आप अक्सर अपने क्रेडिट कार्ड बिल को EMI में बदलते हैं।
  4. आप केवल 'मिनिमम ड्यू' ही चुका पा रहे हैं।
  5. पेमेंट रिमाइंडर आपको तनाव देने लगे हैं।
  6. आप रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी 'पे लेटर' का सहारा लेते हैं।
  7. आप इस उम्मीद में पेमेंट टालते हैं कि अगली सैलरी से सब ठीक हो जाएगा।

कैसे पाए इससे निजात?

  • एक कागज पर अपने सारे कर्ज, उनकी ब्याज दरें और तारीखें लिखें।
  • सबसे पहले उस कर्ज को चुकाएं जिसकी ब्याज दर सबसे ज्यादा है।
  • जब तक पुराना कर्ज खत्म न हो जाए, नया उधार बिल्कुल न लें।
  • समस्या को बढ़ने देने से बेहतर है कि उसे शुरुआत में ही पहचान कर हल किया जाए।

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