एक एंप्लॉयी जिसकी सैलरी प्रति माह 15,000 रुपये से अधिक है, उसे सैलरी का 12 फीसदी ईपीएफ में कंट्रिब्यूट करना जरूरी है। एंप्लॉयर भी 12 फीसदी एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में कंट्रिब्यूट करता है। 1 सितंबर, 2014 से पहले ईपीएफओ का सदस्य बनने वाले एंप्लॉयी के मामले में एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन का 8.33 फीसदी हिस्सा (15,000 रुपये का) पेंशन स्कीम में चला जाता है, जो प्रतिमाह 1,250 रुपये होता है। बाकी पैसा प्रोविडेंट फंड में चला जाता है। सितंबर 2014 में या इसके बाद ईपीएफ स्कीम में शामिल होने वाले एंप्लॉयीज को पेंशन में किसी तरह का कंट्रिब्यूशन नहीं करना है।
