EPFO Update: क्या आपका भी अटक गया है PF ट्रांसफर? UAN पोर्टल पर 5 मिनट में ऐसे अपडेट करें अपनी डिटेल्स
How to Update UAN Portal: नौकरी बदलने के बाद पुराना पीएफ बैलेंस नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए 'डेट ऑफ एग्जिट' का सही होना जरूरी है। अगर आपकी पुरानी कंपनी ने UAN पोर्टल पर यह तारीख दर्ज नहीं की है, तो आप नौकरी छोड़ने के 2 महीने बाद खुद ही आधार OTP के जरिए इसे अपडेट कर सकते हैं। जानिए इसका स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस और नियम
EPFO सदस्यों को अपने UAN पोर्टल के जरिए खुद ऑनलाइन डेट ऑफ एग्जिट अपडेट करने की सुविधा देता है
EPFO Date of Exit Rules: जब आप कोई नौकरी छोड़ते हैं, तो पुरानी कंपनी का ईपीएफ बैलेंस नई कंपनी के खाते में ट्रांसफर करने के लिए 'डेट ऑफ एग्जिट' यानी नौकरी छोड़ने की सही तारीख का दर्ज होना बेहद जरूरी है। अक्सर देखा जाता है कि पुरानी कंपनी पोर्टल पर नौकरी छोड़ने की तारीख डालना भूल जाती है, जिससे पीएफ ट्रांसफर अटक जाता है।
लेकिन अच्छी बात यह है कि अब आपको इसके लिए पुरानी कंपनी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। EPFO सदस्यों को अपने UAN पोर्टल के जरिए खुद ऑनलाइन डेट ऑफ एग्जिट अपडेट करने की सुविधा देता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इसके नियम क्या हैं और आप इसे स्टेप-बाय-स्टेप कैसे सही कर सकते हैं।
ऑनलाइन अपडेट करने से पहले इन शर्तों को समझें
ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, आप खुद से डेट ऑफ एग्जिट तभी मार्क कर सकते हैं जब:
2 महीने का अंतर: आपने नौकरी छोड़ने के कम से कम 2 महीने पूरे कर लिए हों।
आखरी योगदान का महीना: जो तारीख आप दर्ज कर रहे हैं, वह उसी महीने की होनी चाहिए जिसमें आपकी पुरानी कंपनी ने आखिरी बार आपका पीएफ योगदान जमा किया था।
एक्टिव UAN और आधार लिंक: आपका UAN नंबर एक्टिव होना चाहिए और वह आधार से लिंक होना चाहिए।
मोबाइल नंबर: आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर आपके पास मौजूद होना चाहिए, क्योंकि इस पर ओटीपी (OTP) आएगा।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस: कैसे करें 'Date of Exit' अपडेट?
अगर आप उपरोक्त सभी शर्तों को पूरा करते हैं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
पोर्टल पर लॉगिन करें: सबसे पहले ईपीएफओ के Member Unified Portal पर जाएं और अपना UAN, पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉगिन करें।
Mark Exit ऑप्शन चुनें: ऊपर दिए गए मेन्यू में Manage टैब पर क्लिक करें और ड्रॉप-डाउन लिस्ट से Mark Exit का विकल्प चुनें।
कंपनी चुनें: अपनी पुरानी कंपनी की मेम्बर आईडी सेलेक्ट करें, जिसकी एग्जिट डेट अपडेट करनी है।
तारीख और कारण दर्ज करें: नौकरी छोड़ने की सही तारीख चुनें और नौकरी छोड़ने का उपयुक्त कारण सेलेक्ट करें। अपनी सैलरी स्लिप या रिलीविंग लेटर से तारीख का मिलान जरूर कर लें।
Request OTP पर क्लिक करें: सभी डिटेल्स चेक करने के बाद कंसेंट बॉक्स पर टिक करें और Get OTP पर क्लिक करें।
वेरिफाई और सबमिट करें: आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी दर्ज करें और सबमिट कर दें। आपकी 'डेट ऑफ एग्जिट' तुरंत अपडेट हो जाएगी।
सर्विस हिस्ट्री में ऐसे करें री-चेक
प्रोसेस पूरा होने के बाद, यह पक्का करने के लिए कि तारीख सही तरीके से दर्ज हुई है या नहीं:
मुख्य मेन्यू में View पर जाएं और Service History पर क्लिक करें।
वहां आपकी पुरानी कंपनी के नाम के आगे Date of Exit दिखने लगेगी।
अगर तारीख पहले से गलत दर्ज है, तो क्या करें?
अगर आपकी पुरानी कंपनी ने पहले ही कोई गलत डेट ऑफ एग्जिट डाल दी है, तो ऑनलाइन सिस्टम सीधे उसे बदलने की इजाजत नहीं देता। ऐसे मामलों में अपनी सैलरी स्लिप और रिलीविंग लेटर के साथ अपनी पुरानी कंपनी से संपर्क करना होगा या फिर ईपीएफओ ग्रीवांस पोर्टल (EPFiGMS) के जरिए शिकायत दर्ज करानी होगी।
सेफ्टी से जुड़ी जरूरी चेतावनी
ईपीएफओ अपने सदस्यों को सलाह देता है कि कभी भी अपना UAN पासवर्ड, आधार डिटेल्स या बैंक खाते की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति या फर्जी कॉल करने वाले के साथ साझा न करें। ईपीएफओ कभी भी किसी सेवा के लिए पैसों की मांग नहीं करता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।