EPFO Pension Rules: क्या कर्मचारी की मृत्यु के बाद पत्नी को मिलती है पेंशन? जानिए नियम

EPFO Pension Rules: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारी की रिटायरमेंट की उम्र 58 से 60 साल रहती है। अगर आपने किसी प्राइवेट कंपनी में 10 साल तक भी काम किया है तो आप पेंशन के हकदार हैं। यह पेंशन कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद दी जाती है

अपडेटेड Jul 15, 2023 पर 9:12 PM
Story continues below Advertisement
प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों को पेंशन देने की जिम्मेदारी EPFO की है।

EPFO Pension Rules: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारी की रिटायरमेंट की उम्र 58 से 60 साल रहती है। अगर आपने किसी प्राइवेट कंपनी में 10 साल तक भी काम किया है तो आप पेंशन के हकदार हैं। यह पेंशन कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद दी जाती है। अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि अगर कभी किसी कर्मचारी की 58 साल की उम्र के बाद मृत्यु हो जाती है तो क्या उसकी पत्नी को पेंशन का लाभ मिलता है। आइये इसके बारे में जानते हैं।

पेंशन के फायदे

कई बार शारीरिक रूप से अस्वस्थ होकर व्यक्ति की अचानक मृत्यु हो जाती है। ऐसे में ईपीएफ के तहत मिलने वाली रकम मृतक के परिवार के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है।


ईपीएफओ के तहत मिलती है पेंशन

प्राइवेट कर्मचारियों को पेंशन देने की जिम्मेदारी EPFO की है। ईपीएफ एक प्रकार का प्रॉविडेंट फंड है, जो कर्मचारी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम करती है। कर्मचारी हर महीने अपने वेतन की एक तय पैसा ईपीएफ फंड में डालता है। यह रकम कर्मचारी के वेतन का 12 फीसदी है। इसमें कर्मचारी के साथ-साथ कंपनी की ओर से भी योगदान दिया जाता है। कंपनी भी हर महीने इतना ही पैसा पीएफ खाते में योगदान करती है। इस फंड का इस्तेमाल रिटायरमेंट के लिए किया जाता है.

आपको कब मिलती है पेंशन? 

सरकार ने रिटायरमेंट की उम्र 58 साल है। कर्मचारी अपने योगदान का पैसा पीएफ फंड में और एक हिस्सा ईपीएस में जमा किया जाता है। जब कर्मचारी की उम्र 58 साल से अधिक हो जाएगी तो वह इस फंड से पैसा निकाल सकता है। कर्मचारी पीएफ खाते से एकसाथ पैसा निकाल सकते हैं, जबकि ईपीएस खाते में जमा धनराशि कर्मचारी को पेंशन के रूप में दी जाती है।

पत्नी को पेंशन कब मिलती है?

अगर कर्मचारी की मृत्यु 58 साल के बाद हो जाती है तो उसकी पेंशन का हक उसकी पत्नी को मिलता है। इससे नॉमिनी को पूरी रकम मिल जाती है। अगर रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उसकी पत्नी को पेंशन राशि का एक हिस्सा मिलता है। यदि कर्मचारी की सेवानिवृत्ति से पहले मृत्यु हो जाती है तो यह राशि पत्नी को पेंशन के रूप में दी जाती है। इसमें कर्मचारी की मृत्यु के बीच का अंतर जितना कम होगा, पेंशन राशि उतनी ही कम दी जाएगी। विधवा के लिए पेंशन राशि 1,000 रुपये तय की गई है। इसका मतलब है कि कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसकी विधवा पत्नी को 1,000 रुपये पेंशन के रूप में मिलेंगे।

Mart Q1 Result : मुनाफा 2% बढ़कर 658.71 करोड़ पर पहुंचा, लेकिन अनुमान से कमजोर रहे नतीजे

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।