EPFO: 15 साल पुराना PF अकाउंट भी अब मिनटों में होगा ट्रैक, EPFO की डिजिटल गाइड से कर्मचारियों को बड़ी राहत

EPFO: नौकरी बदलते समय अक्सर कर्मचारी अपना प्रॉविडेंट फंड (PF) अकाउंट भूल जाते हैं। पुरानी कंपनी का PF नंबर, बदला हुआ UAN या गुम कागजात ये सब मिलकर लाखों लोगों को उनके ही पैसे से दूर कर देते हैं। लेकिन अब चिंता की बात नहीं। EPFO ने डिजिटल सुविधाओं के जरिए ऐसा सिस्टम तैयार किया है जिससे 15 साल पुराना PF अकाउंट भी आसानी से ट्रैक और एक्टिवेट किया जा सकता है।

अपडेटेड Jan 08, 2026 पर 2:56 PM
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नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रॉविडेंट फंड (PF) उनकी मेहनत की कमाई का सबसे सुरक्षित सहारा माना जाता है। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि नौकरी बदलने के बाद कर्मचारी अपना पुराना PF नंबर भूल जाते हैं। खासकर उन लोगों के लिए मुश्किल और बढ़ जाती है जिन्होंने 2014 से पहले नौकरी की थी, क्योंकि उस समय यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की व्यवस्था नहीं थी। हर कंपनी अलग-अलग PF नंबर देती थी और नौकरी बदलते ही नया PF अकाउंट बन जाता था। ऐसे में अगर किसी कर्मचारी को 15 साल पुराना PF अकाउंट खोजना हो तो यह किसी पहेली से कम नहीं लगता।

कैसे खोजें PF नंबर

EPFO ने अब इस समस्या का हल बताया है। संगठन के मुताबिक, अगर आपके पास पुराना PF नंबर नहीं है, तो भी आप अपने अकाउंट का पता लगा सकते हैं। सबसे पहले कर्मचारी को Unified Member Portal (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर जाना होगा। यहां मोबाइल नंबर से रजिस्टर या लॉगिन करने के बाद ‘Track Claim Status’ या ‘One Member One EPF Account’ विकल्प चुनें। आधार, PAN और पुराने PF नंबर डालते ही सिस्टम ऑटोमैटिक पुराने रिकॉर्ड खोज लेगा चाहे वह 2010 का ही क्यों न हो। अगर आपका KYC अपडेट है और आधार UAN से जुड़ा है, तो तुरंत पासबुक चेक करना संभव है। खास बात यह है कि EPFO 3.0 के तहत 2026 से PF विथड्रॉल ATM और UPI के जरिए भी संभव हो गया है, यानी अब ब्रांच जाने की जरूरत नहीं।


उदाहरण से समझें

राहुल नाम का एक कर्मचारी 2011 में प्राइवेट फर्म छोड़ चुका था। नई नौकरी में नया PF अकाउंट बना और पुराना भूल गया। 15 साल बाद शादी के खर्चे के लिए उसे पैसे की जरूरत पड़ी। उसने UMANG ऐप डाउनलोड किया और ‘Forgot UAN’ विकल्प चुना। नाम, जन्मतिथि और आधार डालकर नया UAN जेनरेट किया और पुराने अकाउंट को मर्ज कर लिया। सिर्फ 10 दिन में उसे 3 लाख रुपये ब्याज समेत मिल गए।

EPFO की गाइडलाइन

EPFO का कहना है कि जिन कर्मचारियों ने 2014 से पहले नौकरी की थी, उनके लिए यह प्रक्रिया बेहद जरूरी है। क्योंकि उस समय अलग-अलग कंपनियों के अलग-अलग PF नंबर होते थे और कई बार कर्मचारी नौकरी बदलते-बदलते अपने पुराने अकाउंट को भूल जाते थे। अब UAN की सुविधा से सभी अकाउंट एक ही नंबर से जुड़ जाते हैं, जिससे ट्रैक करना आसान हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है जो अपने पुराने PF अकाउंट की जानकारी खो चुके थे। कई बार ऐसा भी होता है कि कर्मचारी को अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है और वह अपने पुराने PF अकाउंट से पैसा निकालना चाहता है। लेकिन नंबर न होने की वजह से प्रक्रिया अटक जाती है। अब EPFO की नई गाइड से यह परेशानी खत्म हो जाएगी।

कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी पुराने PF अकाउंट को UAN से लिंक कर लें। इससे न सिर्फ ट्रैकिंग आसान होगी बल्कि भविष्य में पैसे निकालने या ट्रांसफर करने की प्रक्रिया भी बेहद सरल हो जाएगी।

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