35 साल के नीरव शाह मई 2024 में पिता बने। शिवम के जन्म के तुरंत बाद उन्होंने उसके हायर एजुकेशन के लिए एक फाइनेंशियल प्लान तैयार करने का फैसला लिया। उनका मानना है कि पिता बनना हर व्यक्ति की जिंदगी का एक अहम पड़ाव होता है। इसके साथ कुछ जिम्मेदारियां जुड़ी होती हैं। उसके हायर एजुकेशन के फंड जुटाना सबसे अहम है, क्योंकि आजकल पढ़ाई बहुत महंगी हो गई है। 16 जून को फादर्स डे है। इससे पहले मनीकंट्रोल बच्चे के फाइनेंशियल प्लानिंग के बारे में बता रहा है।
पिता बनने के बाद जरूरी है बजट में बदलाव
Father's Day के मौके पर मनीकंट्रोल ने कई फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स से बातचीत की। फाइनेंशियल प्लानिंग प्लेटफॉर्म गोलटेलर के फाउंडर विवेक बांका ने कहा, "कई लोग पिता बनने के बाद अपने फाइनेंशियल प्लान में बदलाव नहीं करते। यह बड़ी फाइनेंशियल गलती है।" FPSB India के कृशन मिश्रा ने भी कहा कि परिवार में नए सदस्य के आने के साथ ही आपको अपने बजट में बदलाव करना जरूरी हो जाता है। आपको बच्चे के भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रख अपने खर्च की प्राथमिकता तय करनी पड़ती है।
निवेश की शुरुआत जल्द करने से बड़ा फंड जुटाने में आसानी
शाह की तरह मुंबई के 43 साल के भाविन जावेरी 10 महीने के बच्चे के पिता हैं। वह भी बच्चे के भविष्य के लिए ठोस फाइनेंशियल प्लान बनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि अगर इसकी जल्द शुरुआत करते हैं तो बच्चे के बड़े होने तक हायर एजुकेशन के लिए पर्याप्त फंड जुटाने में आसानी होगी। यही वजह यह है कि अब वह एक रुपया खर्च करने से पहले दो बार सोचते हैं। उन्होंने अपना इमर्जेंसी फंड भी बढ़ाने का फैसला किया है।
म्यूचुअल फंड का SIP निवेश का अच्छा माध्यम
जावेरी ने म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश करना शुरू कर दिया है। उन्होंने एक इंश्योरेंस कम इनवेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट में भी निवेश शुरू किया है। इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म FinEdge के को-फाउंडर मयंक भटनागर ने कहा, "डिस्क्रेशनरी स्पेंडिंग पर कंट्रोल और अतिरिक्त सेविंग्स की मदद से आप अपने बच्चे के भविष्य के लिए पर्याप्त फंड तैयार कर सकते हैं।"
इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो डायवर्सिफायड होना चाहिए
शाह ने अपनी शादी के बाद ही एक इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो बनाना शुरू कर दिया था। इसमें म्यूचुअल फंड्स, शेयरों में निवेश, फिक्स्ड डिपॉजिट, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGH) और रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) शामिल हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज बच्चे के जन्म के साथ ही उसके एजुकेशन के लिए फंड तैयार करना जरूरी हो गया है। इसकी वजह यह है कि उसके बड़े होने तक इस तरह बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है।
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इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में इक्विटी की ज्यादा हिस्सेदारी
बांका का मानना है कि बच्चे के लिए फंड तैयार करने में पिता को डायवर्सिफायड स्ट्रेटेजी अपनाने की जरूरत है। इसमें फोकस लॉन्ग टर्म ग्रोत पर होना चाहिए। उन्होंने कहा, "इक्विटी और फिक्स्ड इनकम अच्छे एसेट क्लास हैं। ज्यादा निवेश इक्विटी में होना चाहिए, क्योंकि इससे लंबी अवधि में बहुत अच्छा रिटर्न हासिल होने की संभावना रहती है।" पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) निवेश के अच्छे विकल्प हैं। SSY तो सिर्फ लड़कियों के लिए हैं।