FD Backed Credit Cards: क्या FD के बदले क्रेडिट कार्ड लेना सही है, क्रेडिट स्कोर सुधारने का आसान तरीका या अनजाना जोखिम? जानें जरूरी बातें

FD Backed Credit Cards: आसान शब्दों में कहे तो आप बैंक में एक निश्चित राशि जमा करते हैं और बैंक उस जमा राशि को 'गारंटी' मानकर आपको क्रेडिट कार्ड जारी कर देता है। आपकी क्रेडिट लिमिट FD राशि का 75% से 90% तक होता है

अपडेटेड Apr 05, 2026 पर 11:26 AM
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क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर से आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार होता है

FD Backed Credit Cards: अगर आपका क्रेडिट स्कोर यानी CIBIL Score खराब है या आप पहली बार क्रेडिट कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो बैंक अक्सर आपको FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड का सुझाव देते हैं। इसे सुरक्षित और आसान माना जाता है, लेकिन क्या यह वाकई जोखिम-मुक्त है? आइए समझते हैं कि यह कार्ड कैसे काम करता है और इसमें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

क्या होता है FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड?

यह कार्ड पूरी तरह से आपकी फिक्स्ड डिपॉजिट पर आधारित होता है। आसान शब्दों में कहे तो आप बैंक में एक निश्चित राशि जमा करते हैं और बैंक उस जमा राशि को 'गारंटी' मानकर आपको क्रेडिट कार्ड जारी कर देता है। आमतौर पर आपकी FD राशि का 75% से 90% हिस्सा ही आपकी क्रेडिट लिमिट तय की जाती है। जैसे- अगर आपने ₹1 लाख की FD की है, तो आपको ₹80,000 से ₹90,000 तक की लिमिट वाला कार्ड मिल सकता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनके पास इनकम प्रूफ नहीं है या जिनका क्रेडिट स्कोर कम है।


आपको बता दें कि हर बैंक के FD-बैक्ड कार्ड एक जैसे नहीं होते। कुछ बैंक इस पर अच्छे रिवॉर्ड पॉइंट्स और ऑफर्स देते हैं, जबकि कुछ बहुत ही बेसिक कार्ड देते हैं लेकिन सालाना फीस पूरी वसूलते हैं। इसलिए कार्ड लेने से पहले उसके फीचर्स और फीस की जांच जरूर करें।

क्यों लोग इसे चुनते हैं?

आसान अप्रूवल: चूंकि बैंक के पास आपकी FD सुरक्षा के तौर पर जमा है, इसलिए वे बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत कार्ड जारी कर देते हैं।

क्रेडिट स्कोर सुधारने में मददगार: समय पर बिल चुकाने से आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार होता है। भविष्य में होम लोन या कार लोन लेने में इससे बहुत मदद मिलती है।

खर्च पर नियंत्रण: आपकी लिमिट आपकी बचत से जुड़ी होती है, इसलिए आप अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च करने से बचते हैं।

इन बातों का रखे ध्यान नहीं तो पड़ सकते है लेने के देने

भले ही यह कार्ड 'सुरक्षित' लगे, लेकिन इसमें कुछ ऐसी बातें हैं जो आपकी जेब पर भारी पड़ सकती हैं:

महंगा ब्याज: कई लोग सोचते हैं कि FD पीछे है तो ब्याज कम होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप बिल चुकाने में देरी करते हैं, तो अन्य क्रेडिट कार्डों की तरह ही इस पर भी 30% से 40% सालाना तक का भारी ब्याज लग सकता है।

FD और ब्याज का अंतर: आपकी FD पर आपको शायद 6-7% ब्याज मिल रहा होगा, लेकिन कार्ड के बकाया पर आप 30% से ज्यादा चुका रहे होंगे। यह अंतर आपका बड़ा नुकसान करा सकता है।

पैसे का लॉक होना: जब तक आपका क्रेडिट कार्ड एक्टिव है, आप अपनी उस FD को तोड़ नहीं सकते। यानी इमरजेंसी में भी आप अपना वह पैसा इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

डिफॉल्ट करने पर क्या होगा?

अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं भरते हैं, तो बैंक को पूरा अधिकार है कि वह आपकी FD को तोड़कर अपना बकाया वसूल ले। इससे न केवल आपकी बचत खत्म होगी, बल्कि आपके क्रेडिट स्कोर को भी तगड़ा झटका लगेगा।

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