आज के समय में निवेश के कई नए विकल्प सामने आ चुके हैं। तेजी से बदलते ट्रेंड और बाजार की अस्थिरता के बीच पारंपरिक निवेश विकल्प अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं। ऐसा ही एक विकल्प है फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)।
आज के समय में निवेश के कई नए विकल्प सामने आ चुके हैं। तेजी से बदलते ट्रेंड और बाजार की अस्थिरता के बीच पारंपरिक निवेश विकल्प अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं। ऐसा ही एक विकल्प है फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)।
हाल के समय में टैक्स के बाद मिलने वाले अपेक्षाकृत कम रिटर्न की वजह से कई निवेशकों ने FD से दूरी बनाई थी। लेकिन अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव और शेयर बाजार में आई गिरावट ने एक बार फिर यह दिखाया है कि फिक्स्ड इनकम निवेश पोर्टफोलियो के लिए कितने जरूरी हो सकते हैं।
Stable Money के को-फाउंडर और CEO सौरभ जैन का कहना है कि FD आज भी एक स्थिर और संतुलित निवेश पोर्टफोलियो बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उनकी स्थिरता और तय रिटर्न उन्हें ऐसे समय में खास बनाते हैं जब ब्याज दरों में बदलाव, आर्थिक अनिश्चितता और अनुशासित बचत की जरूरत बढ़ जाती है।
पोर्टफोलियो को स्थिरता देने वाला निवेश
इक्विटी, म्यूचुअल फंड और हाई ग्रोथ एसेट्स अच्छा रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन इनमें उतार चढ़ाव भी ज्यादा होता है। ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट पोर्टफोलियो में स्थिरता लाने का काम करते हैं।
FD बाजार की स्थिति से अलग निश्चित रिटर्न देते हैं। इसलिए जो निवेशक जोखिम और रिटर्न के बीच संतुलन बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक मजबूत आधार बन सकते हैं।
स्मॉल फाइनेंस बैंकों में आकर्षक ब्याज दर
आज कई स्मॉल फाइनेंस बैंक FD पर प्रतिस्पर्धी ब्याज दर दे रहे हैं। कई जगह यह दर 7.5 प्रतिशत से ज्यादा है।
इसके अलावा डिजिटल FD प्लेटफॉर्म के जरिए अलग अलग बैंकों की दरों की तुलना करना, FD बुक करना और उसे मैनेज करना भी पहले से आसान हो गया है। इससे निवेशकों को बेहतर रिटर्न के विकल्प ढूंढने में मदद मिलती है।
शॉर्ट टर्म जरूरतों और इमरजेंसी फंड के लिए उपयोगी
छोटी अवधि की जरूरतों के लिए सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर जल्दी पैसे मिलना भी जरूरी होता है। आज कई बैंक ऐसे FD विकल्प दे रहे हैं जिनमें तुरंत पैसे निकालने की सुविधा भी मिलती है।
कुछ बैंक जैसे Suryoday Small Finance Bank और Shivalik Small Finance Bank इंस्टेंट विड्रॉल FD की सुविधा देते हैं। इसमें जरूरत पड़ने पर पैसा एक घंटे के भीतर अकाउंट में आ सकता है। इससे अचानक मेडिकल खर्च, यात्रा या घर के जरूरी भुगतान जैसी स्थितियों में भी पैसे आसानी से उपलब्ध हो सकते हैं।
FD लैडरिंग से ब्याज दर का फायदा
ब्याज दरें समय के साथ बदलती रहती हैं और सही समय पकड़ना आसान नहीं होता। ऐसे में FD लैडरिंग एक उपयोगी रणनीति मानी जाती है।
इसमें निवेश को अलग अलग अवधि की FD में बांट दिया जाता है। इससे निवेशक भविष्य में ब्याज दर बढ़ने का फायदा भी ले सकते हैं और समय समय पर पैसे की उपलब्धता भी बनी रहती है।
नए और कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए बेहतर
जो लोग निवेश की शुरुआत कर रहे हैं या ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहते, उनके लिए FD एक आसान और भरोसेमंद विकल्प है।
इसमें बाजार की लगातार निगरानी की जरूरत नहीं होती और निवेशक को पहले से पता रहता है कि उसे कितना रिटर्न मिलेगा और कब मिलेगा। इससे निवेश में भरोसा और अनुशासन दोनों बनते हैं।
FD के आधार पर क्रेडिट कार्ड की सुविधा
आज कई बैंक FD के आधार पर क्रेडिट कार्ड भी उपलब्ध कराते हैं। इसमें FD को गारंटी के तौर पर रखकर क्रेडिट कार्ड मिल सकता है।
यह खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनके पास आय का प्रमाण या क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होती, जैसे नए नौकरी शुरू करने वाले लोग या छात्र।
इस तरह के कार्ड से कई फायदे मिलते हैं।
आम तौर पर FD की वैल्यू का लगभग 75 से 90 प्रतिशत तक क्रेडिट लिमिट मिल जाती है। इससे निवेश भी जारी रहता है और क्रेडिट हिस्ट्री बनाने का मौका भी मिलता है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।