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FD vs Small Savings Schemes: किसमें करें निवेश, कौन देगा ज्यादा फायदा; समझिए पूरा हिसाब

FD vs Small Savings Schemes: FD और छोटी बचत योजनाएं दोनों ही सुरक्षित निवेश के विकल्प हैं, लेकिन ब्याज दर, लॉक इन, टैक्स और निवेश अवधि के आधार पर फायदा बदलता है। समझिए पूरा हिसाब कि किस निवेशक के लिए कौन सा विकल्प बेहतर है।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Jan 05, 2026 पर 5:05 PM
FD vs Small Savings Schemes: किसमें करें निवेश, कौन देगा ज्यादा फायदा; समझिए पूरा हिसाब
छोटी बचत योजनाएं FD के मुकाबले ज्यादा ब्याज देती हैं, लेकिन इनमें लॉक-इन पीरियड भी होता है।

FD vs Small Savings Schemes: जो निवेशक जोखिम से दूर रहना चाहते हैं, उनके लिए बाजार में कई भरोसेमंद फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट मौजूद हैं। इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), किसान विकास पत्र (KVP) और सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम (SCSS) प्रमुख हैं।

इनमें से ज्यादातर स्कीमें सालाना करीब 6.9 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत तक का ब्याज देती हैं। अहम बात यह है कि सरकार ने मार्च तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

FD भी क्यों है लोगों की पहली पसंद

छोटी बचत योजनाओं के अलावा, रिटेल इन्वेस्टर्स के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD भी बेहद लोकप्रिय निवेश विकल्प है। बैंक अलग-अलग अवधि के लिए FD पर अलग-अलग ब्याज दरें ऑफर करते हैं, इसी वजह से शॉर्ट टर्म निवेशकों के लिए यह एक आसान और समझने योग्य विकल्प माना जाता है।

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