Gold-Silver Price: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर सोमवार, 5 जनवरी को गोल्ड और सिल्वर की कीमतों पर देखने को मिला। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को उनके घर से पकड़ लिया है। इस खबर के बाद बाजार में अनिश्चितता बढ़ी और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया। इसी के चलते सोने और चांदी के दाम में जोरदार तेजी देखने को मिली।
कितना बढ़े सोने और चांदी के दाम
MCX पर गोल्ड दोपहर 3.10 बजे तक 2,060 रुपये यानी 1.52% की बढ़त के साथ 1,37,821 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे थे। चांदी के भाव में इससे भी ज्यादा तेजी देखने को मिली। चांदी 8,046 रुपये यानी 3.40% की बढ़त के साथ 2,44,362 रुपये किलो पर थी।
वहीं, दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,37,550 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। इसमें GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। चांदी 2,47,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।
इंटरनेशनल मार्केट में क्या चल रहा भाव
अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में भी कीमती धातुओं में मजबूती बनी रही। चांदी करीब 7% के उछाल के साथ 75 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही थी। वहीं, सोना 2.38% की बढ़त के साथ 4,435 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।
अमेरिका के वेनेजुएला पर हमले से पहले सोने और चांदी की कीमतों में कुछ कमजोरी दिखी थी। लेकिन, फिर से दोनों धातुएं रिकॉर्ड ऊंचाई की तरह बढ़ रहे हैं।
अमेरिका-वेनेजुएला तनाव से क्यों बढ़ा दाम
अमेरिका-वेनेजुएला संकट से उन समुद्री रास्तों पर असर पड़ने का आशंका है। इनका इस्तेमाल पेरू और चाड जैसे बड़े चांदी निर्यातक देश करते हैं। इससे सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है। यही वजह है कि चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। इसी वजह से सोने में भी मजबूती की उम्मीद दिखी है।
भू-राजनीतिक तनाव, जैसे अमेरिका और वेनेजुएला के बीच हालिया टकराव, वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा देते हैं। ऐसी स्थितियों में निवेशक स्टॉक्स या क्रिप्टो जैसे जोखिम भरे एसेट्स से पैसा निकालकर सोना-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं। इसे सेफ हेवन (Safe-Haven) डिमांड कहा जाता है, जिससे इन कीमती धातुओं की मांग बढ़ती है और दाम ऊपर जाते हैं।
गोल्ड-सिल्वर पर एक्सपर्ट की राय
स्मॉलकेस मैनेजर और स्मार्ट वेल्थ AI के फाउंडर एवं प्रिंसिपल रिसर्चर पंकज सिंह के मुताबिक, मौद्रिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक जोखिम और कैपिटल री-एलोकेशन जैसी स्थितियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। ऐसे माहौल में सोने में निवेश की मांग आगे भी मजबूत रह सकती है। उन्होंने कहा कि 2026 में सोने की कीमतों में 10 से 60 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, इस दौरान करीब 20 प्रतिशत तक के करेक्शन का जोखिम भी बना रहेगा।
वहीं, चांदी को लेकर पंकज सिंह का मानना है कि इसमें 5 से 30 प्रतिशत तक का डाउनसाइड रिस्क मौजूद है।, लेकिन तेजी से बढ़ती औद्योगिक मांग इसकी ताकत बनी हुई है। अगर सप्लाई टाइट रहती है, तो चांदी के दाम मौजूदा स्तर से 40 प्रतिशत तक उछल सकते हैं।
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