Gold Price: रिकॉर्ड ऊंचाई पर गोल्ड के दाम, पर क्या इसके बारे में ये 5 बातें जानते हैं आप?

2025 के बाद 2026 में भी गोल्ड की तेज रफ्तार जारी है। जानिए वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक सोने से जुड़ी पांच दिलचस्प बातें, जो इसकी अहमियत को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेंगी।

अपडेटेड Jan 05, 2026 पर 3:03 PM
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WGC के मुताबिक, 2025 की पहली छमाही में सोने का औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 329 बिलियन डॉलर प्रति दिन रहा।

Gold Price: 2025 में रिकॉर्ड तेजी के बाद 2026 में सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिल गया है। अमेरिका के वेनेजुएला पर हमले के बाद भूराजनीतिक तनाव बढ़ा है। इसका असर गोल्ड की कीमतों पर भी पड़ा है। MCX पर सोने का दाम 2000 रुपये से ज्यादा बढ़कर 1.38 लाख रुपये तक पहुंच गया। इससे आम खरीदार उलझन में हैं कि आखिर सोने की ये रफ्तार कहां जाकर रुकेगी।

हालांकि, अगर निवेशक सोने को एक निवेश एसेट के रूप में सही तरीके से समझें, तो इससे बड़ा फायदा उठाया जा सकता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की हालिया रिपोर्ट में सोने से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताई गई हैं, जो शायद बहुत कम लोगों को पता हों।

1. लंबी अवधि में बॉन्ड से बेहतर रिटर्न


पिछले 50 साल में सोने की कीमत डॉलर के मुकाबले औसतन 8% हर साल बढ़ी है। यानी इसका परफॉर्मेंस शेयर मार्केट के लगभग बराबर और बॉन्ड्स से बेहतर रहा है। यही वजह है कि इसे लंबे समय के निवेश के लिए एक भरोसेमंद एसेट माना जाता है।

2. सबसे सुरक्षित निवेशों में से एक

जब भी बाजार में अस्थिरता होती है, निवेशक सोने की ओर भागते हैं। यही कारण है कि अब यह अमेरिकी डॉलर के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रिजर्व एसेट बन चुका है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक के मुताबिक, जून 2025 में सोने ने यूरो को पीछे छोड़ दिया और अब यह अमेरिकी डॉलर के बाद सबसे भरोसेमंद ग्लोबल रिजर्व एसेट है।

3. पूरी तरह से री-सायकल होने वाली धातु

सोने की सबसे खास बात यह है कि इसका कोई भी हिस्सा बर्बाद नहीं होता। यह 100% री-सायकल होने वाला एसेट है। WGC की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक निकाला गया लगभग हर औंस सोना किसी न किसी रूप में आज भी इस्तेमाल हो रहा है। चाहे वो ज्वेलरी हो, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स हों या हेल्थकेयर इक्विपमेंट।

4. नियमित आमदनी नहीं देता

सोना ऐसा एसेट नहीं है जो डिविडेंड, ब्याज या किराये की तरह हर महीने इनकम दे। इसका फायदा तभी होता है जब आप इसे ऊंचे दाम पर बेचते हैं। कई फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सोने से नियमित आमदनी न मिलना इसकी निवेश क्षमता को थोड़ा सीमित करता है।

5. शेयर बाजार से ज्यादा लिक्विड

WGC के मुताबिक, 2025 की पहली छमाही में सोने का औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 329 बिलियन डॉलर प्रति दिन रहा। निवेशकों और सेंट्रल बैंकों के पास मौजूद सोने की कुल वैल्यू करीब 5.1 ट्रिलियन डॉलर है। इसका मतलब है कि सोने का बाजार Dow Jones जैसे बड़े मार्केट्स से भी ज्यादा लिक्विड है, और इसका कारोबार अमेरिका के सबसे बड़े शेयरों जितना तेज चलता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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