Financial Planning: 20, 30 और 40 साल जैसे उम्र के हर पड़ाव पर अलग फाइनेंशियल प्लानिंग की जरूरत पड़ती है

आज करियर की शुरुआत में की गई फाइनेंशियल प्लानिंग पूरी जिंदगी के लिए पर्याप्त नहीं होगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि उम्र के हर पड़ाव पर अलग-अलग तरह की फाइनेंशियल प्लानिंग जरूरी है। उम्र के हर पड़ाव पर व्यक्ति की जिम्मेदारी और प्रायरिटी बदल जाती है

अपडेटेड Sep 23, 2024 पर 5:14 PM
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उम्र बढ़ने पर व्यक्ति पर परिवार की जिम्मेदारी आ जाती है। बच्चों की पढ़ाई जैसे खर्च भी शुरू हो जाते हैं।

क्या आपने अभी नौकरी शुरू की है? अगर हां तो तो आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग आपके भाई से अलग होगी, जो पिछले 15 साल से नौकरी कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर व्यक्ति को अलग-अलग तरह की फाइनेंशियल प्लानिंग की जरूरत पड़ती है। करियर की शुरुआत में व्यक्ति पर लाइबिलिटी कम होती है। इसलिए उसके पास सेविंग्स और इनवेस्टमेंट के लिए ज्यादा मौका होता है। उम्र बढ़ने पर व्यक्ति पर परिवार की जिम्मेदारी आ जाती है। बच्चों की पढ़ाई जैसे खर्च भी शुरू हो जाते हैं।

फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए व्यक्ति की उम्र को 20 प्लस, 30 प्लस और 40 प्लस साल के अलग-अलग पड़ाव में बांटा जा सकता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

20 प्लस साल के व्यक्ति के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग

यह समय फाइनेंस के लिहाज से मजबूत बुनियाद बनाने का होता है। आपको सबसे पहले अपने बजट के हिसाब से खर्च करना सीखना होगा। लंबी अवधि में वित्तीय मामलों में कामयाबी के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना होगा।


सबसे पहले सेविंग्स: आपको सेविंग्स को अपनी पहली प्राथमिकता बनानी होगी। अगर आप ज्यादा अमाउंट की सेविंग्स नहीं कर सकते तो आपको छोटे अमाउंट की सेविंग्स करनी होगी। आपको एक इमर्जेंसी फंड बनाना होगा।

बजट के हिसाब से खर्च: आपको बजट के हिसाब से खर्च करने की आदत डालनी होगी। इसके लिए आपको अनावश्यक खर्चों में कटौती करनी पड़ेगी।

क्रेडिट कार्ड के कर्ज का जाल: करियर की शुरुआत में क्रेडिट कार्ड बनवाना आम बात है। कई युवा क्रेडिट कार्ड से खर्च में सावधानी नहीं बरतते, जिससे उनके कर्ज के जाल में फंसने का डर रहता है।

निवेश की जल्द शुरुआत: आपको जल्द निवेश शुरू करना होगा। आप कम रिस्क वाले इंस्टूरमेंट्स में निवेश के साथ शुरुआत कर सकते हैं। इंडेक्स फंड में निवेश करना लंबी अवधि के लिए अच्छा विकल्प होगा।

रिटायरमेंट के बारे में सोचें: रिटायरमेंट फंड तैयार करने के लिए जल्द निवेश शुरू करना जरूरी है। आप एनपीएस जैसे ऑप्शन का इस्तेमाल अपने रिटायरमेंट बाद के खर्च के लिए कर सकते हैं।

30 प्लस साल के व्यक्ति के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग

इस उम्र के व्यक्ति पर वित्तीय जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। व्यक्ति पर बीवी और बच्चों की जिम्मेदारी आ जाती है। बच्चों की पढ़ाई की फीस चुकानी पड़ती है। इस उम्र के व्यक्ति को फाइनेंशियल प्लानिंग में निम्निलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सेविंग्स पर ज्यादा फोकस: अब आपको सेविंग्स पर पहले के मुकाबले ज्यादा सेविंग्स करनी होगी। नौकरी में हर साल इंक्रीमेंट पर सैलरी जिस अनुपात में बढ़ेगी, उसी अनुपात में आपको अपनी सेविंग्स बढ़ाने की कोशिश करनी होगी।

रिटायरमेंट के लिए ज्यादा कंट्रिब्यूशन: रिटायरमेंट प्लानिंग अब आपकी प्रायरिटी में शामिल होनी चाहिए। हर साल आपको अपनी इनकम का कुछ फीसदी रिटायरमेंट के लिए फंड तैयार करने के लिए निवेश करना होगा।

घर खरीदने का प्लान: इस उम्र में व्यक्ति अक्सर घर खरीदने के बारे में सोचने लगता है। लेकिन, अगर आप अपनी इनकम से घर खरीदने के लिए पैसे बचा सकते हैं और होम लोन की EMI पेमेंट आसानी स कर सकते हैं तभी आपको घर खरीदने के बारे में सोचना चाहिए।

40 प्लस साल के व्यक्ति के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग

इस उम्र में आने पर व्यक्ति के लिए सबसे जरूरी हो जाती है रिटायरमेंट प्लानिंग। इसलिए आपको रिटायरमेंट के लिए अपना निवेश बढ़ाना होगा। साथ ही निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना होगा।

रिटायरमेंट के लिए ज्यादा निवेश: आपको इस उम्र में आने पर रिटायरमेंट फंड के लिए तय टारगेट को रिव्यू करना होगा। आपको देखना होगा कि जो टारगेट आपने पहले तय किया था, क्या उसे बढ़ाने की जरूरत है। अगर है तो फिर आपको इसके लिए कंट्रिब्यूशन बढ़ाना होगा।

कर्ज चुकाने पर जोर: अगर आपने किसी दोस्त या रिश्तेदार से कर्ज लिया है तो उसे चुकाने को अपनी प्रायरिटी बनाए। अगर आपने कोई पर्सनल लोन या क्रडिट कार्ड पर कर्ज लिया है तो उसे जल्द से जल्द चुका दें। खासकर आपको ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाले कर्ज को पहले चुकाना चाहिए।

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बच्चों की शिक्षा: आजकल पढ़ाई का खर्च काफी बढ़ गया है। इसलिए बच्चों की पढ़ाई के लिए आपको बड़ा फंड बनाने पर फोकस करना चाहिए। इसके लिए आप म्यूचुअल फंड्स की स्कीम में सिप से हर महीने निवेश कर सकते हैं। इससे 8-10 साल में अच्छा फंड तैयार हो जाएगा। इससे आपको बच्चों की हायर स्टडी में काफी मदद मिलेगी।

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