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प्राइवेट कर्मचारियों की CTC में होगा बदलाव? कंपनियां नए टैक्स रिजीम में NPS अपनाने पर कर रही विचार

New Tax regime: चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का कहना है कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के सैलरी पैकेज को कॉरपोरेट NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) के मुताबिक रिस्ट्रक्चर करने में दिलचस्पी दिखा रही है। साथ ही कर्मचारियों की ओर से भी इसमें दिलचस्पी देखने को मिल रही है। खासतौर से वे कर्मचारी, जो HRA (हाउस रेंट अलाउंस) का क्लेम नहीं करते और अब नई टैक्स रिजीम को अपना रहे हैं

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड May 03, 2025 पर 5:21 PM
प्राइवेट कर्मचारियों की CTC में होगा बदलाव?  कंपनियां नए टैक्स रिजीम में NPS अपनाने पर कर रही विचार
New Tax regime: नई टैक्स रिजीम में 14% NPS योगदान की छूट पुरानी व्यवस्था के 10% से अधिक है

New Tax regime: चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का कहना है कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के सैलरी पैकेज को कॉरपोरेट NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) के मुताबिक रिस्ट्रक्चर करने में दिलचस्पी दिखा रही है। साथ ही कर्मचारियों की ओर से भी इसमें दिलचस्पी देखने को मिल रही है। खासतौर से वे कर्मचारी, जो HRA (हाउस रेंट अलाउंस) का क्लेम नहीं करते और अब नई टैक्स रिजीम को अपना रहे हैं। इसके पीछे नया टैक्स रिजीम और कर्मचारियों के बीच टैक्स बचत को लेकर बढ़ती जागरूकता अहम वजह मानी जा रही है।

मुंबई स्थित हसमुख शाह एंड कंपनी एलएलपी के सीनियर पार्टनर भावेश शाह ने बताया, “इस अप्रैल में कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर को कॉरपोरेट NPS में शामिल करने के लिए पूछताछ की है। कंपनियां अब CTC (कॉस्ट टू कंपनी) के फ्लेक्सी लाभ वाले हिस्से में NPS को जोड़ने पर विचार कर रही हैं।”

नई टैक्स रिजीम में बचत का मौका

नए टैक्स सिस्टम में जहां अधिकतर टैक्स छूट को हटा दिया गया है, वहीं धारा 80CCD(2) के तहत कॉरपोरेट NPS में कंपनी की ओर से किए गए NPS योगदान पर 14% तक की छूट अब भी उपलब्ध है। यही कारण है कि सैलरी वाले कर्मचारी इसे अपनाकर अपनी टैक्स देनदारी घटाने की कोशिश कर रहे हैं।

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