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10 साल नहीं अब हर 5 साल में बढ़ेगी सैलरी! सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, पर क्या ये मुमकिन है? समझिए

8th Pay Commission Update: एक्सपर्ट्स का कहना है कि 2016 में ₹18,000 बेसिक सैलरी पर नियुक्त कर्मचारी की सैलरी 10 साल बाद मुश्किल से दोगुनी हो पाती है, जो बाजार के मुकाबले बहुत धीमी है। 10 साल के लंबे इंतजार में इन्फ्लेशन के कारण वेतन की वास्तविक वैल्यू काफी कम हो जाती है। 5 साल में रिवीजन से इस नुकसान को रोका जा सकता है

Abhishek Guptaअपडेटेड May 07, 2026 पर 11:12 AM
10 साल नहीं अब हर 5 साल में बढ़ेगी सैलरी! सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, पर क्या ये मुमकिन है? समझिए
कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसे देखते हुए हर 5 साल में वेतन समीक्षा होनी चाहिए

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच एक बड़ी मांग सामने आई है। सरकारी कर्मचारी यूनियनों ने प्रस्ताव दिया है कि वेतन संशोधन के लिए अब 10 साल का लंबा इंतजार खत्म किया जाना चाहिए। कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसे देखते हुए हर 5 साल में वेतन समीक्षा होनी चाहिए। दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल के बीच हुई बैठकों में नेशनल काउंसिल-जेसीएम (NC-JCM) और विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने इस मुद्दे को आयोग के सामने प्रमुखता से रखा है।

कर्मचारी क्यों चाहते हैं 5 साल में हो सैलरी रिवीजन?

NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा का कहना है कि 10 साल का अंतराल आज की आर्थिक हकीकत के साथ मेल नहीं खाता। उन्होंने बैंकिंग और PSU का उदाहरण देते हुए कहा, कई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और बैंकिंग संस्थानों में पहले से ही हर 5 साल में वेतन संशोधन होता है। कर्मचारियों का सवाल है कि फिर केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 10 साल क्यों रुकना पड़ता है? प्राइवेट सेक्टर में भी वेतन वृद्धि अक्सर 3 साल के भीतर हो जाती है, जबकि सरकारी कर्मचारी दशक भर पुराने वेतन ढांचे पर निर्भर रहते हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 2016 में ₹18,000 बेसिक सैलरी पर नियुक्त कर्मचारी की सैलरी 10 साल बाद मुश्किल से दोगुनी हो पाती है, जो बाजार के मुकाबले बहुत धीमी है। 10 साल के लंबे इंतजार में इन्फ्लेशन के कारण वेतन की वास्तविक वैल्यू काफी कम हो जाती है। 5 साल में रिवीजन से इस नुकसान को रोका जा सकता है।

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