पैसों की जरूरत पड़ने पर हम आमतौर पर लोन का सहारा लेते हैं. हालांकि, लोन लेने के बाद भी हमारी फाइनेंशियल जरूरतें या प्लानिंग कभी भी बदल सकती हैं. इसलिए, यह जरूरी नहीं की फिक्स EMI वाले आम लोन हमेशा बेस्ट ही साबित होंगे. इनके एक ऑप्शन के तौर पर, फ्लेक्सी लोन ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करते हैं. इनमें उधार लेने वाले को एक प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लिमिट मिलती है, जिसमें से वे जरूरत पड़ने पर पैसा निकाल सकते हैं. इनमें ब्याज सिर्फ उस रकम पर लगता है, जिसे आप असल में इस्तेमाल करते हैं. इस तरह, ये लोन रिपेमेंट पर बेहतर फ्लेक्सिबिलिटी और कंट्रोल देते हैं. इसके साथ ही मेडिकल बिल, बिजनेस कैश-फ्लो या घर की मरम्मत जैसे अचानक आने वाले खर्चों से निपटने में मददगार साबित हो सकते हैं.
फ्लेक्सी लोन एक ऐसा क्रेडिट इंस्ट्रूमेंट है, जिसमें आपको एक फिक्स क्रेडिट लिमिट मिलती है, लेकिन आप अपनी जरूरत के मुताबिक भी पैसा निकाल सकते हैं. आम लोन में जहां आपको पूरा अमाउंट एक साथ लेना पड़ता है और पूरी रकम पर ब्याज देना होता है, वहीं फ्लेक्सी लोन में आप सिर्फ इस्तेमाल किए गए अमाउंट पर ही ब्याज चुकाते हैं. आपको दी गई लिमिट के अंदर आप कई बार विड्रॉ और रिपीमेंट कर सकते हैं (जैसा क्रेडिट कार्ड में होता है).
इसे आसान भाषा में इस तरह समझें: फ्लेक्सी लोन किसी टंकी और उसमें लगे नल की तरह है. टंकी में पानी (लिमिट) पूरा भरा हुआ है पर आप नल खोलकर उतना ही पानी लेते हैं जितनी आपको जरूरत है; और आप पैसा भी सिर्फ इस्तेमाल किए गए पानी का ही चुकाते हैं, न कि टंकी में भरे पूरे पानी का. यह फीचर इसे आम लोन से सस्ता और ज्यादा फ्लेक्सिबल बनाता है. आम लोन में आपको पूरा अमाउंट तुरंत लेना पड़ता है और पूरे अमाउंट पर ब्याज चुकाना पड़ता है.
अगर आप भी सस्ती ब्याज दर वाले लोन की तलाश में हैं, तो मनीकंट्रोल आपके लिए एक बढ़िया प्लेटफार्म साबित हो सकता है. मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर आप अलग-अलग लेंडर्स से 50 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं. इन पर ब्याज दरें सिर्फ 10.5% सालाना से शुरू होती हैं और आप अपनी सहूलियत के हिसाब से रिपेमेंट टेन्योर चुन सकते हैं.
1. एलीजिबिलिटी चेक करें: एलीजिबिलिटी से जुडी जरूरी शर्तें आमतौर पर इस प्रकार होती हैं:
2. लेंडर और लोन टाइप चुनें: अलग-अलग लेंडर्स के ऑफर्स की तुलना करें और अपनी जरूरत के मुताबिक बेस्ट ऑप्शन चुनें
3. ऑनलाइन या मोबाइल ऐप से अप्लाई करें: एप्लीकेशन फॉर्म में पर्सनल-प्रोफेशनल जानकारी, लोन अमाउंट और पसंदीदा टेन्योर जैसी डिटेल भरें.
4. जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें: ID प्रूफ (आधार, PAN, पासपोर्ट), एड्रेस प्रूफ (यूटिलिटी बिल, रेंट एग्रीमेंट), इनकम प्रूफ (सैलरी स्लिप्स, बैंक स्टेटमेंट, ITR) जैसे डॉक्यूमेंट अपलोड करें.
5. अप्रूवल व क्रेडिट लिमिट: वेरिफिकेशन के बाद लेंडर आपकी एलिजिबिलिटी के अनुसार लिमिट तय करता. है.
6. जरूरत पड़ने पर ही फंड निकालें: अप्रूवल के बाद, तय लिमिट के अंदर कभी भी (जरूरत के अनुसार) पैसा निकालें और सिर्फ विड्रॉ अमाउंट पर ब्याज दें.
कुल मिलाकर, फ्लेक्सी लोन कई तरह की फाइनेंशियल जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो सकते हैं. आप किफायती ब्याज दर पर मनचाहा रिपेमेंट टेन्योर चुन सकते हैं. डिजिटल लेंडिंग इंडस्ट्री के बढ़ते दायरे के चलते, फ्लेक्सी लोन एक्सेस करना अब और आसान हो गया है. बेस्ट डील पाने के लिए अलग-अलग ऑफर्स की तुलना जरूर करें.
अगर आप भी फ्लेक्सिबल लोन की तलाश में हैं, तो मनीकंट्रोल पर 50 लाख रुपए तक का लोन सिर्फ तीन आसान स्टेप (लोन ऑफर फाइनल करें, e-KYC पूरी करें और EMI सेट-अप करें) में ले सकते है. इन पर ब्याज दरें सिर्फ 10.5% सालाना से शुरू होती हैं.