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F&O ट्रे़डिंग करते हैं? तो ITR फाइल करने से पहले टैक्स के नियमों को जान लें

F&O ट्रेडिंग में प्रॉफिट से जुड़े इनकम टैक्स के नियम आसान हैं। लेकिन, लॉस के नियम थोड़े जटिल हैं। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्श 43(5) के मुताबिक, एफएंडओ से होने वाली इनकम या लॉस को नॉन-स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 16, 2025 पर 7:22 PM
F&O ट्रे़डिंग करते हैं? तो ITR फाइल करने से पहले टैक्स के नियमों को जान लें
पिछले कुछ सालों में एफएंडओ ट्रेडिंग करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है, इसलिए ऐसे लोगों को एफएंडओ के प्रॉफिट और लॉस के टैक्स के नियमों को ठीक तरह से जान लेना जरूरी है।

अगर आप फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) में ट्रेडिंग करते हैं तो इससे हुए प्रॉफिट और लॉस का हिसाबकिताब अभी से कर लें। आपको इनकम टैक्स रिटर्न में इस बारे में बताना होगा। आपको 1 अप्रैल, 2024 से 31 मार्च के बीच हुए प्रॉफिट-लॉस का कैलकुलेशन करना होगा। इसकी जानकारी वित्त वर्ष 2024-25 के इनकम टैक्स रिटर्न में देनी होगी। रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख आम तौर पर 31 जुलाई होती है।

एफएंडओ से लॉस पर टैक्स के नियम थोड़े जटिल हैं

F&O ट्रेडिंग में प्रॉफिट से जुड़े इनकम टैक्स के नियम आसान हैं। लेकिन, लॉस के नियम थोड़े जटिल हैं। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्श 43(5) के मुताबिक, एफएंडओ से होने वाली इनकम या लॉस को नॉन-स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है। इसे बिजनेस या प्रोफेशन के प्रॉफिट्स एंड गेंस हेड के तहत दिखाना पड़ता है। इस प्रॉफिट पर टैक्स के सामान्य प्रावधान लागू होते हैं। इस पर टैक्सपेयर्स के स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है।

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