Gold Price: इस एसेट की मजबूती पर टूटा गोल्ड, लगातार दूसरे दिन फीकी पड़ी चमक

Gold Price: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग ने गोल्ड को तोड़ दिया है और युद्ध शुरू होने से लेकर अब तक यह करीब 8% फिसल चुका है। आज की बात करें तो यह फिर फिसल गया और लगातार दूसरे दिन नरम पड़ा। जानिए कि गोल्ड की चाल पर इस समय दबाव क्यों पड़ा है और आने वाले समय में इसकी चाल कैसी रह सकती है

अपडेटेड Apr 21, 2026 पर 9:15 AM
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चूंकि गोल्ड को महंगाई से बचाव का साधन माना जाता है तो महंगाई बढ़ने पर इसकी मांग बढ़ती है लेकिन ब्याज की ऊंची दरें इनकम वाली एसेट्स को अधिक आकर्षक बनाती हैं, जिससे सोने की मांग पर दबाव पड़ता है।

Gold Price: डॉलर की मजबूती ने मंगलवार को सोने की चमक फीकी कर दी। फिलहाल निवेशकों की नजरें इस बात पर हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति को लेकर हो रही बातचीत में क्या होता है। गोल्ड के स्पॉट भाव की बात करें तो फिलहाल प्रति औंस यह 0.2% गिरकर $4,807.91 पर आ गया है। इससे पहले सोमवार को भी यह फिसला था, जब इसने 13 अप्रैल के बाद का निचला स्तर छुआ था। हालांकि जून डिलीवरी का यूएस गोल्ड फ्यूचर्स $4,827.30 पर स्थिर रहा। बाकी धातुओं की बात करें तो स्पॉट सिल्वर 0.6% गिरकर प्रति औंस $79.40, प्लेटिनम 0.7% फिसलकर $2,074 पर आ गया लेकिन पैलेडियम 0.3% बढ़कर $1,556.16 पर पहुंच गया।

ईरान-अमेरिका की बातचीत से तय होगी गोल्ड की चाल

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक कैपिटलडॉटकॉम के सीनियर फाइनेंशियल मार्केट एनालिस्ट कायली रोड्डा (Kyle Rodda) का कहना है कि निवेशक अब इसका इंतजार कर रहे हैं कि क्या इस्लामाबाद (पाकिस्तान) में वार्ता आगे बढ़ेगी और यदि होती है, तो क्या सीजफायर यानी युद्धविराम बढ़ाया जाएगा या इससे भी बेहतर कोई शांति समझौता होगा। कायली के मुताबिक अगर ऐसा होता है, तो सोने को अच्छा सपोर्ट मिल सकता है क्योंकि तेल की कीमतें गिरेंगी लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो बाजार में फिर से अस्थिरता दिख सकती है।


अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर तेल पर दबाव पड़ा। होर्मुज जलडमरूमध्य से से तेल की सप्लाई सामान्य होने की संभावनाओं पर तेल फिसल पड़ा। कच्चे तेल के महंगे होने से ट्रांससपोर्टेशन और प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ जाते हैं जिससे महंगाई बढ़ाती हैं। चूंकि गोल्ड को महंगाई से बचाव का साधन माना जाता है तो महंगाई बढ़ने पर इसकी मांग बढ़ती है लेकिन ब्याज की ऊंची दरें इनकम वाली एसेट्स को अधिक आकर्षक बनाती हैं, जिससे सोने की मांग पर दबाव पड़ता है।

अभी कैसा है माहौल?

एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने सोमवार को रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि ईरान पाकिस्तान में अमेरिका के साथ शांति वार्ता में भाग लेने पर विचार कर रहा है। ईरान ने यह बात ऐसे समय में कही, जब पाकिस्तान ने ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने के प्रयास शुरू किए। इसे ईरान और अमेरिका के बीच शांति की कोशिशें फिर से शुरू होने में बड़ी अड़चन मानी जा रही थी, वह भी ऐसे समय में जब दो हफ्ते का युद्धविराम समाप्ति के करीब है।

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