Get App

धनतेरस पर Gold ETF और Sovereign Gold Bonds में से किसमें निवेश करने में ज्यादा फायदा?

इंडिया में आम तौर पर लोग गोल्ड ज्वेलरी, बार या कॉइन खरीदते हैं। लेकिन, पिछले कुछ सालों में टेक्नोलॉजी से लेकर प्रोडक्ट्स के लेवल पर जिस तरह के बदलाव आए है, उससे लोगों की दिलचस्पी गोल्ड के डिजिटल माध्यमों में बढ़ी है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के सालों में इंडिया में गोल्ड बार और कॉइन की मांग घटी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 02, 2023 पर 12:19 PM
धनतेरस पर Gold ETF और Sovereign Gold Bonds में से किसमें निवेश करने में ज्यादा फायदा?
Gold ETF की शुरुआत 2007 में हुई थी। लेकिन, इसमें निवेश करने में ज्यादा दिलचस्पी कोविड के बाद दिखी है। जनवरी 2020 में इंडिया में गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने वाले लोगों की संख्या करीब 4.61 लाख थी। सितंबर 2023 में यह बढ़कर 48.06 लाख हो गई है।

धनतेरस करीब आ गया है। आप इस मौके पर गोल्ड खरीदने के बारे में सोच रहे होंगे? बार और कॉइन की शुद्धता को लेकर आपने मन में संदेह हो सकता है। उन्हें सुरक्षित रखना भी अपने आप में एक चैलेंज होता है। साथ ही उनकी रीसेल वैल्यू भी सही नहीं मिलती है। यहीं वजह है कि पिछले कुछ सालों में कई लोगों ने गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (Gold ETF), गोल्ड म्यूचुअल फंड्स (Gold MF) और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGB) में निवेश करना शुरू कर दिया है। जेफरीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया में परिवारों के कुल एसेट का 15.5 फीसदी गोल्ड में है। परिवारों के कुल एसेट में गोल्ड की दूसरी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। सबसे ज्यादा 50.7 फीसदी हिस्सेदारी रियल एस्टेट की है। बैंक डिपॉजिट्स की 14 फीसदी, इंश्योरेंस फंड्स की 5.9 फीसदी, प्रोविडेंट एंड पेंशन फंड्स की 5.8 फीसदी और शेयरों की 4.7 फीसदी है। उधर, Quantum Mutual Fund की स्टडी में बताया गया है कि पोर्टफोलियो में गोल्ड की 10-15 फीसदी हिस्सेदारी पर्याप्त है। इससे यह पता चलता है कि गोल्ड में लोगों के निवेश का लेवल ठीक है।

गोल्ड के डिजिटल माध्यम में निवेश की दिलचस्पी बढ़ी

इंडिया में आम तौर पर लोग गोल्ड ज्वेलरी, बार या कॉइन खरीदते हैं। लेकिन, पिछले कुछ सालों में टेक्नोलॉजी से लेकर प्रोडक्ट्स के लेवल पर जिस तरह के बदलाव आए है, उससे लोगों की दिलचस्पी गोल्ड के डिजिटल माध्यमों में बढ़ी है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के सालों में इंडिया में गोल्ड बार और कॉइन की मांग घटी है। उधर, गोल्ड ईटीएफ और SGB जैसे डिजिटल विकल्पों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। गोल्ड ईटीएफ सोने में पैसिव इनवेस्टमेंट का एक तरीका है। यह सबसे ज्यादा शुद्धता वाले सोने में इनवेस्ट करता है। आम और पर गोल्ड ईटीएफ की एक यूनिट 0.01 ग्राम सोने की होती है। गोल्ड ईटीएफ स्टॉक्स एक्सचेंज पर लिस्ट होते हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें