बजट में इंपोर्ट ड्यूटी घटने के बाद से 4000 रुपये गिर चुका है सोना, क्या यह खरीदने का सही वक्त है?

Gold: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को पेश बजट में सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने का ऐलान किया था। इसके बाद से सोने की कीमतों में गिरावट का रुख है। तब से यह करीब 4000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। एक्सपर्ट्स इसे सोने में निवेश का सही मौका बता रहे हैं

अपडेटेड Jul 26, 2024 पर 1:06 PM
26 जुलाई को कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी देखने को मिली। दिन में 12:50 बजे गोल्ड फ्यूचर्स 323 रुपये यानी 0.48 फीसदी की मजबूती के साथ 67,769 रुपये पर प्रति 10 ग्राम था।

यूनियन बजट में इंपोर्ट ड्यूटी में कमी के बाद सोना 4,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है। अमेरिका में चुनाव से पहले सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर भी दबाव है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सोने खरीदने का सही टाइम है। उनका कहना है कि निवेशक अभी सोना खरीद कर बाद में कीमतें बढ़ने पर बेच सकते हैं। इसकी वजह यह है कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में कुछ समय तक सोने की कीमतों पर दबाव बने रहने के आसार हैं।

सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट

ब्रोकरेज फर्म एलकेपी सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च (कमोडिटी एंड करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि सोने (Gold) की कीमतें 75,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से गिरकर 70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई हैं। न्यूयॉर्क में कमोडिटी एक्सचेंज में गोल्ड 2,500 डॉलर प्रति के करीब पहुंचने के बाद काफी गिरा है। ऐसे में निवेशकों को सोने में निवेश बढ़ाने के बारे में सोचना चाहिए। खासकर शेयरों पर कैपिटल गेंस टैक्स बढ़ने के बाद सोना निवेश का अच्छा विकल्प दिख रहा है।


फिर से 72,000 रुपये तक जाएगा भाव

दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 68,100 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रही है। गोल्ड की कीमतों के बारे में ग्लोबल मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट और रिसर्चर सर्वेंद्र, श्रीवास्तव ने कहा कि एमसीएक्स पर चल रही गोल्ड की कीमत और स्पॉट मार्केट में गोल्ड की कीमत में फर्क होता है। उधर त्रिवेदी ने कहा कि सोना फिर से 72,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जाएगा। उसके बाद उसमें गिरावट आएगी। ऐसे में निवेशक 72,000 रुपये के लेवल पर बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं।

सोने में मुनाफा कमाने का मौका

त्रिवेदी ने कहा कि सोने का भाव 72,000 रुपये तक जाने पर निवेशक बेचने के बारे में सोच सकते हैं। इसकी वजह यह है कि यह नियर टर्म में बड़ा रेसिस्टेंस लेवल है। उधर, कॉमेक्स (विदेश में) गोल्ड के लिए रेसिस्टेंस लेवल 2,500-2,525 डॉलर प्रति औंस है। इस साल अमेरिका में इंटरेस्ट रेट में कमी होने की संभवना है। अगर इंटरेस्ट रेट घटता है तो सोने में खरीदारी बढ़ सकती है। इससे गोल्ड निवेश के लिए लिहाज से अट्रैक्टिव लगता है।

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गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी

26 जुलाई को कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी देखने को मिली। दिन में 12:50 बजे गोल्ड फ्यूचर्स 323 रुपये यानी 0.48 फीसदी की मजबूती के साथ 67,769 रुपये पर प्रति 10 ग्राम था। 25 जुलाई को एमसीएक्स में गोल्ड 67,462 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

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