मध्यपूर्व में लड़ाई के बावजूद गोल्ड की कीमतों में क्यों आई गिरावट? मॉर्गन स्टेनली ने बताई वजह

मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद से गोल्ड की कीमतों में करीब 10 फीसदी गिरावट आई है। आम तौर पर जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने पर गोल्ड की डिमांड बढ़ती है, जिससे इसकी कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। लेकिन, इस बार शेयरों के साथ गोल्ड में भी गिरावट दिखी है।

अपडेटेड Apr 04, 2026 पर 3:24 PM
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2 अप्रैल को एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स 2.62 फीसदी गिरकर 1,49,680 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।

मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद गोल्ड की कीमतों में गिरावट आई है। आम तौर पर जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने पर गोल्ड में तेजी आती है। इसकी वजह यह है कि गोल्ड को निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। इसलिए दुनिया में किसी तरह की क्राइसिस या उथल-पुथल बढ़ने पर गोल्ड की डिमांड बढ़ जाती है। इससे इसकी कीमतों में तेजी आती है। लेकिन, मार्च में गोल्ड की कीमतों के ट्रेंड ने निवेशकों को चौंकाया है।

2 मार्च को गोल्ड फ्यूचर्स 1.67 लाख प्रति 10 ग्राम था

अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। उस दिन शनिवार था। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स बंद था। 2 मार्च को एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स 8,505 रुपये चढ़कर 1,67,090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 2 अप्रैल को एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स 2.62 फीसदी गिरकर 1,49,680 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इस दौरान गोल्ड में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है।


डॉलर में मजबूती गोल्ड में कमजोरी का सबसे बड़ा कारण

मॉर्गन स्टेनली के एनालिस्ट्स का कहना है कि गोल्ड में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर में मजबूती है। मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद से डॉलर में मजबूती आई है। इसका असर डॉलर की कीमतों पर पड़ा है। डॉलर में मजबूती आने पर दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इस वजह से इसकी चमक फीकी पड़ जाती है। हालांकि, गोल्ड में कमजोरी की दूसरी वजहें भी हैं।

इंटरेस्ट रेट नहीं घटने की उम्मीद से भी गोल्ड की चमक फीकी

एनालिस्ट्स का कहना है कि गोल्ड में कमजोरी की दूसरी वजह अमेरिका में इंटरेस्ट रेट में कमी की घटती उम्मीद है। मध्यपूर्व में लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। इससे अमेरिका सहित दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ा है। इस वजह से फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में कमी करनी की उम्मीद घट गई है। एक्सपार्टस का कहना है कि अगर इनफ्लेशन बढ़ता है तो फेडरल रिजर्व सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इंटरेस्ट रेट घटने पर गोल्ड की कीमतों को सपोर्ट मिलता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर गोल्ड पर निगेटिव असर पड़ता है।

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मार्जिन कॉल के बाद इनवेस्टर्स गोल्ड में कर रहे बिकवाली

गोल्ड में गिरावट की तीसरी वजह लिक्विडिटी पर बढ़ता दबाव है। शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आने से ब्रोकर्स इनवेस्टर्स को मार्जिन बढ़ाने को कह रहे हैं, जिससे इनवेस्टर्स गोल्ड बेचकर पैसे का इंतजाम कर रहे हैं। इसका असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ा है। आम तौर पर शेयर बाजार में गिरावट आने पर गोल्ड में तेजी देखने को मिलती है। इसकी वजह यह है कि निवेशकों को गोल्ड में निवेश करना सुरक्षित लगता है। लेकिन, इस बार शेयरों के साथ गोल्ड में भी गिरावट दिख रही है।

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