Gold Prices: ग्लोबल और अमेरिका में आर्थिक मंदी की आशंका के बीच सोने की चमक लगातार बढ़ रही है। साल 2025 में अब तक (YTD) सोने की कीमतों में करीब 25% की बढ़त दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार 17 अप्रैल को सोने का भाव 95,239 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। जबकि आज से 5 साल पहले 17 अप्रैल 2020 को सोने का भाव 44,906 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी पिछले 5 सालों में इसका भाव 110% से अधिक बढ़ा है।
इतनी तेज बढ़त के बाद अब मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या सोने का भाव जल्द 1 लाख रुपये के आंकड़े को छू लेगा। या फिर इसमें मुनाफावसूली के चलते तेज गिरावट देखने को मिल सकती है?
क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत?
क्या कम होगा सोने का भाव?
गुप्ता का कहना है कि “जिन कारणों से सोना चढ़ा है, वे अभी भी कायम हैं। इसलिए कीमतों में तेज गिरावट की संभावना बहुत कम है। ग्लोबल ब्रोकरेज गोल्डमैन सैक्स ने भी अपने गोल्ड प्राइस टारगेट को बढ़ाया है — अब यह 3,700 डॉलर प्रति औंस है। और अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो यह 4,500 डॉलर प्रति औंस तक भी जा सकता है। ऐसे में किसी भी गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए।”
क्या ₹1 लाख का आंकड़ा पार करेगा सोना?
एक्सपर्ट्स की मानें तो सोने की कीमतों में आगे भी उछाल आने की संभावना है। बैंक ऑफ अमेरिका के एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगले 2 सालों में COMEX सोने की कीमतें 3,500 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं, जबकि गोल्डमैन सैक्स को उम्मीद है कि 2025 के अंत तक सोना $3,300 प्रति औंस पर पहुंच जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो भारत में भी सोने का भाव 1 लाख के आंकड़े को पार कर सकता है।
एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को “Buy on Dips” यानी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा, “जब तक ग्लोबल व्यापारिक तनाव में कोई ठोस समाधान नहीं आता, तब तक सोना निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और लाभदायक विकल्प बना रहेगा।”
डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।