Gold vs Diamond: दिवाली के समय सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस मौके पर लोग खासतौर पर सोने के गहने खरीदते हैं, लेकिन कुछ लोग सोने के साथ डायमंड ज्वैलरी खरीदना पसंद करते हैं। लोग अक्सर ये सवाल करते हैं कि गोल्ड खरीदने से ज्यादा रिटर्न मिलेगा या डायमंड ज्वैलरी पर? जानते हैं कि इस दिवाली निवेश करने पर कहां ज्यादा रिटर्न मिलेगा।
ज्वैलर्स के मुताबिक दिवाली पर हीरे की बजाय सोना खरीदना बेहतर रहेगा। उन्होंने बताया कि सोने के गहने, सिक्के या बार पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क मिलता है, जिससे उसकी शुद्धता की गारंटी होती है। जबकि हीरों के मामले में ऐसा कोई सरकारी प्रमाण नहीं है। इसी वजह से सरकार ने सोने को एक एसेट (एसेट) माना है, जबकि हीरे को अभी भी सिर्फ एक लग्जरी प्रोडक्ट के तौर पर देखा जाता है। हीरे की रीसेल की सही वैल्यू मिलना मुश्किल होता है।
हीरे में निवेश क्यों न करें?
अभी हाल में हीरे की कीमतें गिर रही हैं और यह कहना मुश्किल है कि वे कहां जाकर डायमंड की कीमतें स्थिर होंगी। निवेश के हिसाब से सोना ज्यादा सुरक्षित है, क्योंकि इसे गिरवी रखकर आसानी से लोन भी मिल सकता है। जबकि, हीरे के बदले बैंकों से लोन नहीं मिलता। साथ ही अब बाजार में लेब-ग्रोन डायमंड्स (लैब्स में बने हीरे) भी हैं, जो असली हीरे जैसे ही दिखते हैं। इससे यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि आपके गहनों में असली हीरा है या लैब में बना हुआ है।
निवेश के लिए सही ऑप्शन के अनुसार निवेश के लिए सोना हीरा से ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद है। सोना लंबे समय तक अपनी कीमत बनाए रखता है और जरूरत पड़ने पर इसे गिरवी रखकर लोन भी लिया जा सकता है। दूसरी ओर, हीरे की कीमत और रीसेल में दिक्कतें आती है। इस दिवाली अगर आप निवेश के बारे में सोच रहे हैं, तो सोने में निवेश करना आपके लिए एक समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है।