इस साल गोल्ड ने अब तक 73 फीसदी रिटर्न दिया है। गोल्डमैन सैक्स ने अगले साल दिसंबर तक गोल्ड के 4,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाने का अनुमान जताया है। इसका मतलब है कि अगले साल भी गोल्ड में तेजी जारी रहेगी। गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि दुनिया के कई केंद्रीय बैंकों की तरफ से अगले साल भी गोल्ड में खरीदारी जारी रहने की उम्मीद है। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट घटाने की उम्मीदों से भी गोल्ड को सपोर्ट मिलेगा।
इस हफ्ते स्पॉट गोल्ड 1.1 फीसदी चढ़ा
गोल्डमैन सैक्स ने लंबी अवधि के लिए गोल्ड में निवेश करने की सलाह दी है। इस हफ्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 1.1 फीसदी चढ़ा है। 19 दिसंबर को स्पॉट गोल्ड 0.4 फीसदी चढ़कर 4,347.07 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। इंडिया में एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स 135,590 रुपये प्रति 10 ग्राम की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। अक्तूबर 2023 से गोल्ड की कीमतें दोगुना से ज्यादा हो गई है। इस दौरान गोल्ड 139 फीसदी चढ़ा है। कई दशकों बाद गोल्ड में ऐसी तेजी दिखी है।
फेड के रेट घटाने से गोल्ड में तेजी
इस साल नवंबर के अंत में गोल्ड में सुस्ती दिखी थी। लेकिन, 10 दिसंबर को अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में 0.25 फीसदी की कमी के बाद से गोल्ड की चमक बढ़ी है। इंटरेस्ट रेट में कमी के माहौल में गोल्ड में तेजी आती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेडरल रिजर्व अगले साल भी इंटरेस्ट रेट में कमी कर सकता है। इस उम्मीद का असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ने की संभावना है। शॉर्ट टर्म में गोल्ड का आउटलुक स्ट्रॉन्ग है। हालांकि, बीच-बीच में मुनाफावसूली की वजह से इसमें थोड़ी गिरावट आ सकती है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स को लंबी अवधि के लिहाज से गोल्ड में कुछ निवेश करना चाहिए। इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी 10 फीसदी तक हो सकती है। अगर पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी इससे कम है तो गोल्ड में निवेश किया जा सकता है। गोल्ड पर दांव लगाने के लिए गोल्ड ईटीएफ अच्छा जरिया है। गोल्ड से पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन में मदद मिलती है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने पर गोल्ड को सुरक्षित रखने की भी चिंता नहीं रहती है।