अक्षय तृतीया से पहले सोने की डिमांड मजबूत बनी हुई है। कंज्यूमर सेंटिमेंट भी स्ट्रॉन्ग है। अक्षय तृतीय 19 नवंबर को है। इस मौके पर सोना खरीदने की परंपरा रही है। ऐसा करना शुभ माना जाता है। पिछले कुछ सालों में सोने में आई जबर्दस्त तेजी की वजह से वेल्थ क्रिएशन के लिए भी लोग सोने में निवेश कर रहे हैं। पिछले साल अक्षय तृतीया से इस साल अक्षय तृतीया के बीच सोना ने 60 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है।
अक्षय तृतीया पर अच्छी खरीदारी की उम्मीद
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने की ऊंची कीमतों की वजह सोने की खरादारी का वॉल्यूम सामान्य रह सकता है। लेकिन, इसकी डिमांड स्ट्रॉन्ग बनी हुई है। दुनिया में अनिश्चितता बढ़ने पर हेजिंग के लिए भी सोने की मांग बढ़ जाती है। इससे इसकी कीमतों में तेजी आती है। हालांकि, अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद सोने की कीमतों में नरमी आई है। इसकी बड़ी वजह डॉलर में मजबूती है। डॉलर मजबूत होने से सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।
इस साल सोने ने दिया है 14-16 फीसदी रिटर्न
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के रीजनल सीईओ सचिन जैन ने कहा कि त्योहार सोने की खरीदारी के लिए बड़े मौके होते हैं। यह लॉन्ग टर्म वैल्यू क्रिएशन और समृद्धि के लिए अच्छा है। हालांकि, इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। इसके बावजूद 2026 में सोने का रिटर्न करीब 14-16 फीसदी रहा है। उन्होंने कहा कि सोने को लेकर ग्राहकों की पसंद में भी बदलाव दिखा है। युवा ग्राहक हल्के वजन और फैशन ट्रेंड के हिसाब से गोल्ड ज्वेलरी खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
गोल्ड ईटीएफ में भी बढ़ सकता है निवेश
जैन ने कहा है कि हमें गोल्ड ज्वेलरी के साथ डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ की डिमांड भी मजबूत रहने की उम्मीद है। कुल मिलाकर इस बार अक्षय तृतीया पर गोल्ड की मांग मजबूत रह सकती है। उधर, कोटक नियो रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इनवेस्टमेंट के लिए कॉइंस और स्मॉल बार्स (Small Bars) जैसे प्रोडक्ट्स में भी अच्छी डिमांड है। यह कंजम्प्शन पैटर्न में आ रहे बदलाव का संकेत है। सिर्फ ज्वेलरी के इस्तेमाल की जगह अब लोग इनवेस्टमेंट के मकसद से सोने में निवेश कर रहे हैं।
अगले साल अक्षय तृतीया तक गोल्ड की कीमत कितनी होगी?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालिया गिरावट के बावजूद गोल्ड का आउटलुक स्ट्रॉन्ग है। अमेरिका-ईरान के बीच स्थायी सीजफायर के बाद गोल्ड में तेजी दिखेगी। इस साल गोल्ड का भाव 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। इसका मतलब है कि अभी निवेश करने पर 10-15 फीसदी का रिटर्न मिल सकता है। इनवेस्टर्स को अपने निवेश का कुछ हिस्सा गोल्ड में लगाने की सलाह है। इससे पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन में मदद मिलती है। अनिश्चितता के बीच सालाना 10-15 फीसदी का रिटर्न अट्रैक्टिव है।