Gold price crash: इन 5 वजहों से क्रैश हुआ गोल्ड, 6% तक गिरा भाव; अब आगे क्या होगा?

Gold price crash: दिवाली के बाद सोने में 6% तक की बड़ी गिरावट आई है। जानिए कौन-सी 5 वजहें बनीं इस क्रैश की जड़ और क्या अब गोल्ड की रैली खत्म होने वाली है या फिर HSBC जैसी संस्थाओं की भविष्यवाणी सच होगी।

अपडेटेड Oct 21, 2025 पर 9:27 PM
Story continues below Advertisement
एक्सपर्ट का मानना है कि गोल्ड बबल जोन में पहुंच गया था, जिससे चलते बड़ी गिरावट आना तय था।

Gold price crash: पिछले कुछ महीनों से गोल्ड में लगातार जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही थी। लेकिन, अब गोल्ड की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। मंगलवार, 21 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव करीब 6% तक गिर गए। मंगलवार शाम 8.24 बजे तक स्पॉट गोल्ड का प्राइस 6.00% तक गिरकर 4,094.98 डॉलर प्रति औंस पर आ गया था।

हालांकि, बाद में थोड़ी रिकवरी दिखी और 09.22 बजे तक गोल्ड 5.20% गिरावट के साथ 4,137 डॉलर प्रति औंस पर था। यह 4 साल में पहली बार है, जब एक दिन में गोल्ड का दाम इतना ज्यादा गिरा है।

किस वजह से क्रैश हुआ गोल्ड?


गोल्ड की कीमतों में हालिया तेजी को व्यापार और भूराजनीतिक तनाव का सपोर्ट मिला था। कई देशों ने डॉलर पर निर्भरता घटाने के लिए सोने की खरीद बढ़ाई थी। इनमें भारत और चीन जैसे देश शामिल हैं। लेकिन, अब 5 वजहों से एकाएक सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई है।

  • सोने की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गई थी। इस स्तर पर बहुत से निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं।
  • अमेरिका-चीन के बीच तनाव में नरमी आई है। इससे सुरक्षित निवेश यानी गोल्ड की मांग कमजोर पड़ी।
  • डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। इससे बाकी देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो गया है।
  • अमेरिकी सरकार का शटडाउन जल्द खत्म होने के संकेत है। यह फैक्टर भी सोने के खिलाफ गया है।
  • एक्सपर्ट का मानना है कि गोल्ड बबल जोन में पहुंच गया था, जिससे चलते बड़ी गिरावट आना तय था।

Gold Rate: 1.20 लाख रुपये के पार सोना, क्या बेचकर निकल जाएं सोना या खरीदना रखें जारी? - gold price on record high is it best time to sell gold or buy

ज्यादा दिन नहीं चलेगी गोल्ड रैली?

कैपिटल इकोनॉमिक्स के चीफ मार्केट्स इकोनॉमिस्ट जॉन हिगिंस का कहना है कि सोने की यह रैली अब ज्यादा दिन टिक नहीं पाएगी। उनका मानना है कि गोल्ड की कीमत अपनी 'असल वैल्यू' से काफी ऊपर चली गई है और अब यह बबल जोन में पहुंच चुकी है।

उन्होंने लिखा, '2025 की शुरुआत में ही गोल्ड की कीमत 1980 के अपने पुराने रिकॉर्ड के करीब थी। लेकिन अब इसकी असली कीमत उस पीक से लगभग 60% ज्यादा है और 1980 के बाद के औसत से तीन गुना ऊपर है। यह बड़ी गिरावट आने का संकेत है।'

क्या सोना 5,000 डॉलर तक जाएगा?

हालांकि, वैश्विक वित्तीय संस्था HSBC का अनुमान इसके ठीक उलट है। उसका मानना है कि अभी सोने की रफ्तार बनी रहेगी। बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही तक सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है, जो मौजूदा स्तर से करीब 1,000 डॉलर की बढ़ोतरी होगी। इस अनुमान के पीछे लगातार जारी भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और लंबे समय के निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी है, जो अब सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं।

HSBC इस अनुमान में अकेला नहीं है। बैंक ऑफ अमेरिका और Societe Generale ने भी अगले साल के लिए 5,000 डॉलर प्रति औंस का टारगेट तय किया है। ANZ बैंक का अनुमान है कि जून 2026 तक सोना 4,600 डॉलर तक पहुंच जाएगा और इसके बाद धीरे-धीरे गिरावट आ सकती है।

Gold Price Outlook: अब किस ओर जाएगा सोने का भाव, क्या करें खरीदार? जानिए एक्सपर्ट से

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।