Gold Price Crash Warning: जनवरी के हाई से 37% तक टूट सकता है सोना! जानिए WGC की रिपोर्ट में क्या है बड़ी चेतावनी
Gold Price Outlook: सोने की चाल पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल का भी गहरा असर पड़ रहा है। अमेरिकी फेड रिजर्व ने हाल ही में दरों में कोई बदलाव नहीं किया। इस हफ्ते जारी होने वाले मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI आंकड़े अगर मजबूत आते हैं, तो फेड का रुख सख्त रहने की उम्मीद बढ़ेगी, जिससे सोने पर दबाव बना रह सकता है
रिपोर्ट के अनुसार, अगर सोना $3,943 प्रति औंस से नीचे आता है, तो गिरावट का नया दौर शुरू हो सकता है
Gold Price Prediction Update: सोने की कीमतों में आने वाले दिनों में एक बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $3,857 प्रति औंस का सपोर्ट लेवल तोड़ता है, तो इसमें बड़ा करेक्शन आ सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसी स्थिति में सोने का अगला बड़ा सपोर्ट लेवल $3,500 प्रति औंस होगा, जो जनवरी 2026 के अपने ऑल-टाइम हाई से लगभग 37 फीसदी की भारी गिरावट को दर्शाएगा।
इन अहम सपोर्ट लेवल्स पर टिकी हैं बाजार की नजरें
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, सोने के भाव फिलहाल एक दायरे में कारोबार कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी चार्ट पर कुछ बेहद अहम स्तर मौजूद हैं:
तत्काल गिरावट का दायरा: अगर सोना $3,943 प्रति औंस से नीचे आता है, तो गिरावट का नया दौर शुरू हो सकता है। इसके बाद अगला मुख्य सपोर्ट $3,857 से $3,887 के बीच रहेगा।
37% तक की बड़ी गिरावट: अगर 3,857 डॉलर का स्तर भी टूटता है, तो सोना सीधे 3,500 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकता है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो सोने के पिछले बड़े डाउनट्रेंड्स में भी इतनी ही (लगभग 37%) गिरावट देखी गई है, जहां से एक मजबूत बेस बन सकता है।
रिपोर्ट जारी होने के समय सोना लगभग $4,063.80 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) के मुताबिक, बीते हफ्ते सोने की कीमतों में 1% की गिरावट आई और इस साल अब तक इसमें 7.8% की कमजोरी दर्ज की गई है।
मजबूत येन और कमजोर डॉलर से मिल सकती है राहत
सोने की कीमतों में जारी इस गिरावट के बीच एक उम्मीद की किरण जापानी येन है। मुद्रा बाजार में अमेरिका और जापान के पहले समन्वित हस्तक्षेप के कारण जापानी येन में मजबूती देखी गई है।
सोने को कैसे मिलेगा सपोर्ट? WGC का मानना है कि यदि जापानी येन में मजबूती जारी रहती है और इसके मुकाबले अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है, तो इससे सोने की कीमतों को निचले स्तरों पर सहारा मिल सकता है।
फेड की ब्याज दरें और अमेरिका-ईरान तनाव का असर
सोने की चाल पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल का भी गहरा असर पड़ रहा है। अमेरिकी फेड रिजर्व ने हाल ही में दरों में कोई बदलाव नहीं किया। इस हफ्ते जारी होने वाले मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI आंकड़े अगर मजबूत आते हैं, तो फेड का रुख सख्त रहने की उम्मीद बढ़ेगी, जिससे सोने पर दबाव बना रह सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें और महंगाई की चिंताएं बनी हुई हैं। हालांकि, ट्रंप द्वारा नई बातचीत के ऐलान से तनाव में कुछ कमी के संकेत मिले हैं, जिससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताएं थोड़ी कम हो सकती हैं।
साथ ही निवेशकों के बदलते नजरिए के कारण गोल्ड ईटीएफ में आने वाले निवेश में कमी आई है और COMEX पर नेट लॉन्ग पोजिशन घटी हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।