सोने की कीमत 72000 प्रति 10 ग्राम पहुंची, क्या हालिया गिरावट के बाद आपको इसमें निवेश करना चाहिए?

लगातार कई हफ्तों की तेजी के बाद 22 अप्रैल और 23 अप्रैल को गोल्ड की कीमतों में गिरावट आई। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड में सेंटिमेंट स्ट्रॉन्ग बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में इसमें तेजी का रुख बना रहेगा

अपडेटेड Apr 24, 2024 पर 9:15 PM
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23 अप्रैल को गोल्ड की कीमतें गिरकर दो हफ्ते के सबसे लो लेवल पर पहुंच गई थीं।

सोने (Gold rates) की कीमतों में 24 अप्रैल को मजबूती रही। कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स (जून एक्सपायरी) में 0.15 फीसदी प्रति ग्राम की तेजी रही। Goodsreturn के डेटा के मुताबिक, 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 45 रुपये बढ़कर 6,660 रुपये प्रति ग्राम पहुंच गई। 24 कैरेट (999 गोल्ड) प्योर गोल्ड की कीमत 7,216 रुपये प्रति ग्राम रही। इससे पहले लगातार दो दिन सोने में गिरावट देखने को मिली थी।

गोल्ड में गिरावट की वजह

23 अप्रैल को गोल्ड की कीमतें गिरकर दो हफ्ते के सबसे लो लेवल पर पहुंच गई थीं। इसकी मध्यपूर्व में टेंशन में कमी है। टेंशन घटने से इनवेस्टर्स ने सोने में मुनाफावसूली की। सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भी 24 अप्रैल को हल्की मजबूती दिखी। लेकिन, यह सीमित दायरे में बनी रही। रायटर्स के मुताबिक, स्पॉट गोल्ड 0.2 फीसदी बढ़कर 2,327.86 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया। 23 अप्रैल को यह 5 अप्रैल के बाद अपने सबसे लो लेवल पर आ गया था। अमेरिका में गोल्ड फ्यूचर्स 2,340.90 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा।


कीमतों में तेजी जारी रहने के आसार

सोने की कीमतों में हालिया उतारचढ़ाव की वजह यह है कि अमेरिका में इकोनॉमी से जुड़े डेटा आने से पहले इनेवस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि 23 अप्रैल को 2,300 डॉलर का फॉल्स ब्रेक गोल्ड की कीमतों के छोटी अवधि में सीमित दायरे में बन रहने का संकेत देता है। हालांकि, गिरावट के बावजूद एनालिस्ट को गोल्ड की कीमतों में तेजी जारी रहने की उम्मीद है।

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कई केंद्रीय बैंक गोल्ड में कर रहे निवेश

Emkay Global Financial Services में एनालिस्ट रिया सिंह के मुताबिक, गोल्ड में बुलिश ट्रेंड के जारी रहने की उम्मीद है। गोल्ड को केंद्रीय बैंकों की तरफ से सोने की खरीदारी से सपोर्ट मिल रही है। खासकर एशिया और उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक गोल्ड खरीद रहे हैं। मोतीलाल ओसवाल को भी गोल्ड में बुल रन जारी रहने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि डॉलर में कमजोरी और यील्ड में गिरावट से सोने को सपोर्ट मिलेगा। इकोनॉमिक और जियोपॉलिटिकल रिस्क बढ़ने से भी हेजिंग की डिमांड बढ़ रही है।

क्या आपको निवेश करना चाहिए?

मोतीलाल ओसवाल ने निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में गोल्ड शामिल करने की सलाह दी है। उसने कहा है कि आर्थिक अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच निवेश के सुरक्षित माध्यम के रूप में सोने की बड़ी भूमिका रहती है।

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