Gold Price in Dubai: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण दुबई में सोने की कीमतें लंदन के मुकाबले कम हो गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार उड़ानों में रुकावट और अनिश्चितता की वजह से दुबई के बाजार में ज्यादा सोना उपलब्ध है, जबकि डिमांड कमजोर बनी हुई है। ऐसे में वहां सोना कुछ डिस्काउंट पर बिक रहा है।
दुबई दुनिया के बड़े गोल्ड ट्रेडिंग हब में से एक है और यहां से स्विट्जरलैंड, हांगकांग और भारत जैसे देशों में सोने की सप्लाई होती है। लेकिन अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण पिछले करीब 10 दिनों से कई फ्लाइट्स कैंसिल हो रही हैं। इससे गोल्ड सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। इसी वजह से दुबई में सोना करीब 10 से 30 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस (ट्रॉय औंस यानी लगभग 31.1 ग्राम) तक सस्ता मिल रहा है।
एक्सपर्ट का कहना है कि अभी भारत और मिडिल ईस्ट दोनों जगह सोने की डिमांड कमजोर है। कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव होने से कई खरीदार फिलहाल खरीदारी टाल रहे हैं। लंदन के बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट आई है और हाल में स्पॉट गोल्ड करीब 5100 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास ट्रेड कर रहा था।
ऐसे में जो भारतीय यात्री दुबई या खाड़ी देशों की यात्रा पर जा रहे हैं, उनके मन में यह सवाल आता है कि वे भारत वापस आते समय कितना सोना साथ ला सकते हैं। भारत के बैगेज नियमों के अनुसार विदेश से लौटने वाले यात्री सीमित मात्रा में सोना बिना कस्टम ड्यूटी के ला सकते हैं।
पुरुष यात्री अधिकतम 20 ग्राम सोने की ज्वैलरी ड्यूटी-फ्री ला सकते हैं।
महिला यात्री अधिकतम 40 ग्राम सोने की ज्वैलरी बिना कस्टम ड्यूटी के ला सकती हैं।
एयरपोर्ट पर कस्टम जांच के दौरान खरीदारी की रसीद और सोने की शुद्धता की जानकारी दिखानी पड़ सकती है।
ज्यादा सोना लाने पर क्या होगा
अगर कोई यात्री तय सीमा से ज्यादा सोना लेकर आता है, तो उस पर कस्टम ड्यूटी देना अनिवार्य होता है। ऐसे सोने की जानकारी एयरपोर्ट पर रेड चैनल में जाकर घोषित करनी होती है।
अगर कोई यात्री ज्यादा सोना लाकर उसे घोषित नहीं करता, तो कस्टम विभाग जुर्माना लगा सकता है या सोना जब्त भी कर सकता है। दुबई में सोना सस्ता दिख सकता है, लेकिन भारत लाने के नियम और ड्यूटी को ध्यान में रखना जरूरी है।