Gold Price: सोने की कीमतों में तेजी का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार, 21 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर फरवरी डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स ₹7,774 यानी 5.16% चढ़कर ₹1,58,339 प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया।
Gold Price: सोने की कीमतों में तेजी का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार, 21 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर फरवरी डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स ₹7,774 यानी 5.16% चढ़कर ₹1,58,339 प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया।
तीन दिन में ₹15,822 की छलांग
सोने ने मंगलवार को भी रिकॉर्ड तोड़ते हुए फ्यूचर्स ट्रेड में ₹1.5 लाख प्रति 10 ग्राम का स्तर पार किया था। बीते तीन सत्रों में सोने की कीमतें कुल ₹15,822 या 11.10% बढ़ चुकी हैं। 16 जनवरी को सोना ₹1,42,517 प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब तेजी से ऊपर निकल चुका है।
अप्रैल एक्सपायरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। यह ₹8,869 या 5.63% चढ़कर ₹1,66,425 प्रति 10 ग्राम के लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया।
चांदी भी पीछे नहीं, लगातार तीसरे दिन रिकॉर्ड
सोने के साथ-साथ चांदी ने भी तेजी जारी रखी। मार्च डिलीवरी वाली सिल्वर फ्यूचर्स MCX पर ₹11,849 या 3.66% उछलकर ₹3,35,521 प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह लगातार तीसरा दिन था जब चांदी ने नया हाई बनाया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी चमके
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Comex पर गोल्ड फ्यूचर्स ने पहली बार $4,800 प्रति औंस का स्तर पार किया। फरवरी डिलीवरी वाला सोना $113.4 यानी 2.4% चढ़कर $4,880.9 प्रति औंस पर पहुंच गया।
वहीं, मार्च कॉन्ट्रैक्ट की कॉमेक्स सिल्वर फ्यूचर्स 0.17% की बढ़त के साथ $94.79 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थीं। पिछले सत्र में यह $95.53 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थीं।
सोने-चांदी में तेजी की वजह क्या है
वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता और दोबारा ट्रेड वॉर की आशंका ने निवेशकों को शेयर जैसे जोखिम वाले एसेट्स से दूर कर दिया है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे सोने और चांदी की मांग तेजी से बढ़ी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते तनाव के बीच आठ यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी दी है। इससे वैश्विक बाजारों में चिंता और अनिश्चितता और बढ़ गई है।
इसके अलावा, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ की वैधता पर अपना फैसला फिलहाल टाल दिया है। इससे इन टैरिफ को जल्द वापस लिए जाने की उम्मीद कमजोर पड़ी और बाजार में उलझन बनी रही।
कमजोर रुपया भी बना बड़ी वजह
बुधवार को इंट्राडे ट्रेड में रुपया डॉलर के मुकाबले 61 पैसे गिरकर 91.58 के ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से रुपये पर दबाव बना हुआ है।
डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से सोने का आयात महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर पड़ता है और यही वजह है कि भारत में सोने के दाम और तेजी से ऊपर चढ़ते दिख रहे हैं।
सोने पर क्या है एक्सपर्ट की राय
LKP Securities में कमोडिटी और करेंसी के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट) जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, 'सोने में जबरस्त मजबूती देखने को मिली है। कीमतें करीब ₹7,000 उछलकर ₹1.58 लाख तक पहुंच गईं। तेज रैली आगे बढ़ती दिखी। सिर्फ तीन सत्रों में सोने में ₹15,000 से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है। जनवरी 2026 में अब तक यह करीब 15% ऊपर है।'
त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिका, ग्रीनलैंड, यूरोप और रूस-यूक्रेन जैसे कई मोर्चों पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने सुरक्षित निवेश की मांग को और तेज कर दिया है। अनिश्चितता और डॉलर में उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए निवेशक बुलियन को सबसे पसंदीदा विकल्प मान रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'मौजूदा रिस्क माहौल सोने के पक्ष में बना हुआ है। तकनीकी तौर पर ₹1,45,000 के आसपास मजबूत सपोर्ट दिख रहा है। वहीं, ऊपर की ओर ₹1,61,000 के पास अगला बड़ा रेजिस्टेंस रह सकता है।'
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