Gold Price: ₹9,446 तक सस्ता हो सकता है सोना, निवेश के लिए क्या अब चांदी खरीदना रहेगा सही?

सोने की कीमतों में 10.46% तक गिरावट आ सकती है। निवेशकों को मुनाफा बुक कर चांदी में निवेश की सलाह दी जा रही है, जो 10-15% रिटर्न दे सकती है। गोल्ड ओवरहीटेड मार्केट बन चुका है, जिससे करेक्शन की आशंका बढ़ गई है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।

अपडेटेड Apr 03, 2025 पर 3:45 PM
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अगले 10-30 दिन में Gold Price में Correction देखने को मिल सकता है।

Gold Price Fall: पिछले कुछ महीनों में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। गोल्ड ने 2025 की पहली तिमाही में 18.5% का रिटर्न दिया और साल 1986 के बाद अपनी सबसे बेहतरीन तिमाही दर्ज की। डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ पॉलिसी से भी सोने की कीमतों में कुछ और तेजी आने की उम्मीद है। लेकिन, इसके बाद गोल्ड प्राइस में बड़ी गिरावट आ सकती है।

फाइनेंशियल सर्विसेज उपलब्ध कराने वाली निर्मल बंग में कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के हेड कुशल शाह का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $2,850-$2,800 प्रति औंस के स्तर तक आ सकता है। इंटरनेशनल मार्केट में गुरुवार (3 अप्रैल) को सोना $3,127 प्रति औंस के आसपास था। इसका मतलब है कि सोना करीब 10.46% सस्ता है।

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अगर भारतीय बाजार की बात करें, तो ₹90,300 प्रति 10 ग्राम है। अगर इसमें 10.46% की गिरावट आती है, तो यह ₹80,854 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ जाएगा। इसका मतलब है कि भारतीय बाजार में सोना लगभग ₹9,446 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो जाएगा।

सोने की कीमतों में क्यों आ सकती है गिरावट?

निर्मल बंग के शाह का मानना है कि जो भी प्रमुख कारण गोल्ड में तेजी ला सकते थे, वे पहले ही खत्म हो चुके हैं। इसमें ब्याज दरों में संभावित कटौती (Interest Rate Cuts) और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी (Central Bank Buying) भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गोल्ड को साल के आखिर में जिस कीमत पर होना चाहिए था, उसे वो पहले ही पार कर चुका है।

क्या गोल्ड को बिना सोचे-समझे खरीद रहे निवेशक?

शाह का कहना है कि फिजिकल गोल्ड यानी सोने की असल डिमांड घट रही है। फिर भी निवेशक गोल्ड को बड़े पैमाने पर खरीद रहे हैं क्योंकि यह सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित निवेश माना जाता है। यह "सहमति ट्रेड" (Consensus Trade) बन गया है।

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इसका मतलब है कि बहुत सारे लोग बिना गहराई से सोचे किसी गोल्ड में निवेश कर रहे हैं। इससे गोल्ड Overheated Market बन गया है। इसमें अस्थिरता या बड़ी गिरावट आने की आशंका काफी बढ़ गई है। गोल्ड की कीमतें तात्कालिक तात्कालिक रूप से काफी बढ़ गई हैं, लेकिन वह इतने ऊंचे स्तर पर स्थायी नहीं रह सकतीं और जल्द ही गिर सकती हैं।

सोने की कीमतों में कब आ सकती है गिरावट?

शाह के अनुसार, अगले 10-30 दिनों में सोने की कीमतों में गिरावट (Correction) देखने को मिल सकती है। उन्होंने गोल्ड इन्वेस्टर्स को मुनाफा बुक करने और अपनी पोजीशन हेज (Hedge) करने की भी सलाह दी है। उनका गोल्ड में में शॉर्ट (Short) का भी सुझाव है।

सोने से निकलकर चांदी में निवेश की सलाह

शाह का सुझाव है कि अब निवेशकों को गोल्ड होल्ड करने से बचना चाहिए। इसके बजाय वे गोल्ड में प्रॉफिट बुकिंग करके चांदी (Silver) में निवेश कर सकते हैं। चांदी में पिछले चार से सप्लाई की किल्लत (Supply Deficit) देखने को मिल रही है। उनका अनुमान है कि चांदी अगले छह से सात महीनों में 10-15% का रिटर्न दे सकती है और यह सोने से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

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