Gold Price: दिवाली पर नए पीक पर होगा सोना! आखिर क्यों नए पीक पर पहुंच सकता है गोल्ड

Gold Price on Diwali: त्योहारों के समय सोने का भाव नए पीक पर पहुंच सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक सोने का भाव 76000 रुपये के पार पहुंच सकता है। सोने की कीमतों में 2024 में नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है

अपडेटेड Sep 06, 2024 पर 3:29 PM
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Gold Price on Diwali: त्योहारों के समय सोने का भाव नए पीक पर पहुंच सकता है।

Gold Price on Diwali: त्योहारों के समय सोने का भाव नए पीक पर पहुंच सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक सोने का भाव 76000 रुपये के पार पहुंच सकता है। सोने की कीमतों में 2024 में नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। यहां आपको बता रहे हैं कि साल 2024 में सोने के भाव नए पीक पर पहुंच सकता है। यहां जानें सोने के भाव में किन कारणों से आ सकती है तेजी।

फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद

सोने की कीमतें बढ़ने की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 18 सितंबर को संभावित ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है। फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में 50 बेसिस पॉइंट की कटौती की संभावना पिछले हफ्ते 34% से बढ़कर 41% हो गई है। जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोना निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प बन जाता है क्योंकि यह मुद्रास्फीति और करेंसी की डीवैल्यू होने में मदद करता है।


लेबर मार्केट डेटा

हाल ही में आए अमेरिकी लेबर मार्केट के आंकड़े भी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद को मजबूत कर रहे हैं। ADP नेशनल एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में केवल 99,000 नौकरियां जुड़ीं, जो अनुमानित 145,000 से काफी कम हैं। इसके अलावा, गैर-कृषि रोजगार (NFP) डेटा भी कमजोर रहने की संभावना है, जो 114,000 से बढ़कर 163,000 होने का अनुमान है। इन संकेतों से लगता है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, जिससे सोने की कीमतें बढ़ेंगी।

भू-राजनीतिक तनाव

दुनिया में चल रहे भूराजनीतिक तनाव भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। SS वेल्थस्ट्रीट की संस्थापक सुगंधा सचदेवा के अनुसार अगर तनाव बढ़ता है, तो सोने की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। ऐसे समय में लोग अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश करते हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ती है और कीमतें भी बढ़ती हैं।

कमजोर होता अमेरिकी डॉलर

जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की कीमतें आमतौर पर बढ़ती हैं। फेडरल रिजर्व की संभावित दर कटौती और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते डॉलर में गिरावट की उम्मीद है, जिससे सोने का मूल्य बढ़ सकता है। कमजोर डॉलर के कारण अन्य मुद्राओं वाले देशों के लिए सोना सस्ता हो जाता है, जिससे उसकी मांग बढ़ जाती है।

फिजिकल डिमांड में तेजी

सोने की फिजिकल डिमांड में मजबूत बनी हुई है, जो उसकी कीमतों को ऊंचा बनाए रखने में मदद करती है। ऑगमोंट गोल्ड की रिसर्च हेड रेनीशा चाइनी के मुताबिक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद सोने की मांग स्थिर है, जिससे इसकी कीमत में बढ़ोतरी की उम्मीद है। कामा ज्वेलरी के प्रबंध निदेशक कॉलिन शाह का कहना है कि ऐसे हालात में निवेशक सोने को एक सुरक्षित विकल्प मानते हैं, जिससे उसकी मांग बढ़ती है।

घरेलू बाजार के कारण

भारत में सोने की कीमतें भी कई घरेलू कारणों से प्रभावित होती है। सरकार के कस्टम ड्यूटी घटाने से सोने के दाम में अपने पीक से 6,000 रुपये की गिरावट आई थी। अब धनतेरस जैसे आगामी त्योहारों के कारण मांग बढ़ने की उम्मीद है।

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