Gold Crash: 56000 रुपये होगा 10 ग्राम गोल्ड! आज 1600 रुपये हुआ सस्ता, सोने में शुरू हुआ गिरावट का दौर? जानिये कारण

Gold Rate Crash: देश के बुलियन मार्केट में सोना अपने पीक लेवल 93,000 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि, अमेरिका के एक एक्सपर्ट ने अनुसार आने वाले सालों में सोने की कीमतों में 38% की भारी गिरावट हो सकती है। भारत में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 56,000 रुपये के नीचे आ सकता है

अपडेटेड Apr 04, 2025 पर 3:16 PM
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Gold: भारत में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 56,000 रुपये के नीचे आ सकता है।

Gold Rate Crash: देश के बुलियन मार्केट में सोना अपने पीक लेवल 93,000 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि, अमेरिका के एक एक्सपर्ट ने अनुसार आने वाले सालों में सोने की कीमतों में 38% की भारी गिरावट हो सकती है। भारत में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 56,000 रुपये के नीचे आ सकता है। सोने का भाव 56000 रुपये के लेवल के नीचे आएगा, इसके उन्होंने मजबूत कारण बताए हैं। अगर सिर्फ आज 4 अप्रैल का ही ट्रेंड देखें, तो एक दिन में सोने का भाव 1,600 रुपये नीचे गिर गया है। तो क्या अब सोने के भाव में डाउनवर्ड ट्रेंड यानी गिरावट का दौर आना शुरू हो गया है?

56000 रुपये के नीचे आएगा गोल्ड?

सोने की कीमतें हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं, जिससे निवेशकों को फायदा हो रहा है, लेकिन आम ग्राहकों पर इसका बोझ बढ़ गया है। भारत में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 93,000 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है। आज शुक्रवार 4 अप्रैल को एक ही दिन में सोने का भाव 1600 रुपये कम हुआ है। क्या सोने के भाव में ये गिरावट आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।


सोने की कीमतों में संभावित गिरावट

देश के बुलियन मार्केट में 24 कैरेट सोने की कीमत भारत में 93,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर कारोबार कर रहा है। जबकि वैश्विक बाजार में यह $3,100 प्रति औंस से ऊपर है। एक औंस में 28 ग्राम सोना होता है। यदि 38-40% की गिरावट होती है, तो भारत में सोने की कीमत 55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकती है। अमेरिका की रिसर्च फर्म मॉर्निंगस्टार के रणनीतिकार जॉन मिल्स ने अनुमान लगाया है कि सोने की कीमतें $3,080 प्रति औंस से गिरकर $1,820 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं।

सोने में क्यों आएगी गिरावट?

सप्लाई में बढ़ोतरी – वैश्विक स्तर पर सोने का प्रोडक्शन बढ़ा है, जिससे सोने के भंडार 9% बढ़कर 2,16,265 टन हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया में खनन तेज हुआ है और पुराना सोना मार्केट में फिर आने से सप्लाई बढ़ी है।

मांग में गिरावट – पिछले साल केंद्रीय बैंकों ने 1,045 टन सोना खरीदा था, लेकिन अब उनकी खरीदारी कम हो सकती है। एक सर्वे के अनुसार 71% केंद्रीय बैंक या तो अपनी सोने की खरीद को घटाएंगे या स्थिर रखेंगे।

बाजार में सैचुरेशन – 2024 में सोने की खनन कंपनियों में 32% अधिक विलय और अधिग्रहण हुए हैं, जो बाजार के उच्चतम स्तर पर पहुंचने का संकेत है। इसके अलावा, गोल्ड-ETF में निवेश बढ़ने से भी दाम गिरने की संभावना बढ़ गई है।

क्या सभी सोने की गिरावट से सहमत हैं?

हालांकि, सभी एक्सपर्ट इस गिरावट की भविष्यवाणी से सहमत नहीं हैं। बैंक ऑफ अमेरिका का अनुमान है कि अगले दो सालों में सोने की कीमत $3,500 प्रति औंस तक जा सकती है, जबकि गोल्डमैन सैक्स ने साल के अंत तक सोने के $3,300 प्रति औंस तक पहुंचने की भविष्यवाणी की है।

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