अक्षय तृतीय के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इससे परिवार में खुशियां और समृद्धि आती है। इस बार 30 अप्रैल (बुधवार) को अक्षय तृतीया है। इस दिन ज्वैलर्स के यहां ग्राहकों की भीड़ रहेगी। अगर आप इस मौके पर गोल्ड ज्वैलरी खरीदने जा रहे हैं तो आपको उसकी शुद्धता को लेकर काफी सावधानी बरतनी होगी। खासकर अगर आप 24 कैरेट गोल्ड खरीद रहे हैं तो सावधानी की जरूरत और बढ़ जाती है। आइए जानते हैं कि आपको किन बातों का खास ध्यान रखना होगा।
23 अप्रैल को सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसला
Gold रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब बना हुआ है। हालांकि, 23 अप्रैल को इसमें थोड़ी नरमी आई। इसकी वजह मुनाफावसूली हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.7 फीसदी गिरकर 3,357.11 डॉलर प्रति औंस था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 1.5 फीसदी फिसल कर 3.366.80 डॉलर प्रति औंस था। इंडिया में भी गोल्ड फ्यूचर्स में नरमी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स सुबह के कारोबार में 1398 रुपये यानी 1.44 फीसदी गिरकर 95,960 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद गोल्ड में मुनाफावसूली का अनुमान जताया गया था।
999 और 995 फाइननेस का मतलब
अगर आप गोल्ड कॉइन या बार खरीदने जा रहे हैं तो आपको उन पर 999 या 995 फाइननेस का मार्क दिखेगा। कई ग्राहकों को इन दोनों नंबर के बारे में ठीक तरह से पता नहीं होता है। दरअसल, ये गोल्ड की प्योरिटी (शुद्धता) के बारे में बताते हैं। इसलिए अगर इनवेस्टमेंट के लिए गोल्ड खरीदने जा रहे हैं तो आपको 24 कैरेट गोल्ड खरीदना चाहिए। गोल्ड की प्योरिटी का पता कैरेट या फाइननेस से चलता है। 24 कैरेट गोल्ड को सबसे शुद्ध माना जाता है, क्योंकि इसमें कोई दूसरा मेटल नहीं होता है। लेकिन, गोल्ड की रिफाइनिंग में थोड़ी सी अशुद्धता की गुंजाइश होती है। इसलिए सबसे शुद्ध गोल्ड का फाइननेस लेवल भी 999 या 995 हो सकता है। 999 का मतलब 99.9 फीसदी शुद्धता से है, जबकि 995 का मतलब 99.5 फीसदी शुद्धता से है।
गोल्ड ज्वैलरी बनाने के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल
999 फाइननेस वाला गोल्ड 995 फाइननेस गोल्ड के मुकाबले थोड़ा महंगा होता है। यह ध्यान में रखना होगा कि ये गोल्ड के इंटरनेशनल स्टैंडर्ड हैं। 995 और 999 फाइनेस वाला गोल्ड काफी सॉफ्ट होता है। यह कॉइन और बार में तो मिल जाएगा लेकिन गोल्ड ज्वैलरी में नहीं मिलेगा। इसकी वजह यह है कि गोल्ड ज्वैलरी 99.9 फीसदी शुद्ध सोने से बनाना मुमकिन नहीं है। इसलिए ज्वैलरी बनाने के लिए गोल्ड में थोड़ा दूसरा मेटल मिलाया जाता है। इसलिए गोल्ड ज्वैलरी 22 कैरेट की होती है न कि 24 कैरेट की। इसलिए अगर आप अक्षय तृतीया पर गोल्ड ज्वैलरी खरीदना चाहते हैं तो आप 24 कैरेट की गोल्ड ज्वैलरी खरीद सकते हैं।
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एक्सपर्ट्स का कहना है कि आपको इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में 10-15 फीसदी गोल्ड होना चाहिए। यह पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन के लिए जरूरी है। अगर आपका निवेश गोल्ड में कम है या आपने गोल्ड में बिल्कुल इनवेस्ट नहीं किया है तो अक्षय तृतीया इसे खरीदने का अच्छा मौका है। आप इस मौके पर थोड़ा गोल्ड खरीद सकते हैं। आप थोड़ा-थोड़ा करके गोल्ड में निवेश बढ़ा सकते हैं। अगर आप 24 कैरेट गोल्ड ज्वैलरी में निवेश करते हैं तो इसमें कोई खराबी नहीं है। यह गोल्ड जरूरत पड़ने पर आपको काम आ सकता है। इसलिए गोल्ड में निवेश के लिए अक्षय तृतीया एक अच्छा मौका है।