गोल्ड ने 31 मार्च को ऊंचाई का नया रिकॉर्ड बना दिया। पहली बार गोल्ड 3100 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया। ग्लोबल इकोनॉमी पर अमेरिकी के रिसप्रोकल टैरिफ के संभावित असर की वजह से गोल्ड की कीमतें बढ़ रही हैं। अमेरिका का रेसिप्रोकल टैरिफ 2 अप्रैल से लागू होने जा रहा है। स्पॉट गोल्ड 31 मार्च को 3,106.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। 2025 के तीन महीनों में गोल्ड लगातार ऊंचाई के नए रिकॉर्ड बना रहा है। इस साल गोल्ड 18 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। सिर्फ मार्च में गोल्ड 8 फीसदी चढ़ा है।
रेसिप्रोकल टैरिफ ने बढ़ाई चिंता
गोल्ड (Gold) पहले 3,107.26 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। उसके बाद कीमतों में थोड़ी नरमी आई। इंडिया में 31 मार्च को ईद के मौके पर कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में छुट्टी है। लेकिन, एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स का आखिरी क्लोजिंग प्राइस 88,850 डॉलर प्रति औंस है। कमोडिटी एनालिस्ट्स का कहना है कि गोल्ड में तेजी जारी रहने का अनुमान है। KCM Trade के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर ने कहा कि रेसिप्रोकल यूएस टैरिफ के ऐलान से पहले मार्केट की चिंता बढ़ गई है। इससे गोल्ड की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं।
दुनिया में बढ़ सकता है ट्रेड वॉर
उन्होंने कहा, "अगर इस हफ्ते अमेरिकी सरकार उतना ज्यादा टैरिफ लगाने का ऐलान नहीं करती है, जितना डर है तो गोल्ड की कीमतों में नरमी दिख सकती है। रिकॉर्ड हाई प्राइस पर गोल्ड में प्रॉफिट बुकिंग दिख सकती है।" अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2 अप्रैल को रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान करने की उम्मीद है। ऑटो टैरिफ की शुरुआत 3 अप्रैल से होगी। इस बीच, 30 मार्ट को ट्रंप ने कहा कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें ऐसा लगेगा कि रूस यूक्रेन में शांति की उनकी कोशिशों को रोकन रहा है तो वह (ट्रंप) रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 25-50 फीसदी का सेकेंडरी टैरिफ लगा सकते हैं।
इंडिया के लिए बढ़ सकती है दिक्कत
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ट्रंप रूस से ऑयल खरीदने वाले देशों पर 25-50 फीसदी सेकेंडरी टैरिफ लगाते हैं तो इससे इंडिया जैसे देशों के लिए दिक्कत बढ़ जाएगी। 2023 में रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से इंडिया रूस से काफी ज्यादा ऑयल कम प्राइस पर खरीद रहा है। उधर, रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होने से दुनिया में ट्रेड वॉर बढ़ने का खतरा है। इसका सीधा असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ेगा। कई बैंकों ने गोल्ड की कीमतों के अपने अनुमान बढ़ा दिए हैं।
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फाइनेंशियल एडवाइजर्स का कहना है कि निवेशकों को अपने इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में गोल्ड को शामिल करना चाहिए। पोर्टफोलियो में 10-15 फीसदी गोल्ड होना चाहिए। जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में अभी गोल्ड नहीं है या काफी कम है, उन्हें धीर-धीरे सोने में निवेश बढ़ाना चाहिए। अब सोना खरीदना काफी सस्ता हो गया है। घर बैठे गोल्ड ईटीएफ और म्यूचुअल फंड गोल्ड स्कीम में निवेश किया जा सकता है। हालांकि, गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने के लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है। लेकिन, म्यूचुअल फंड की गोल्ड स्कीम में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट जरूरी नहीं है।