गोल्ड में 26 अगस्त को तेजी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड का भाव 72,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और फेडरल रिजर्व के सितंबर में इंटरेस्ट रेट घटाने की उम्मीद से गोल्ड की चमक बढ़ी है। 23 अगस्त को फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने अगले महीने इंटरेस्ट रेट में कमी के अनुमान पर मुहर लगा दी। इससे डॉलर गिरकर 13 महीने के अपने निचले स्तर पर आ गया, जबकि गोल्ड में उछाल देखने को मिला।
इस महीने गोल्ड ने बनाया ऊंचाई का रिकॉर्ड
मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव का असर भी गोल्ड पर पड़ रहा है। इस महीने गोल्ड (Gold) रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। इस साल गोल्ड उन कमोडिटीज में शामिल है, जिनकी कीमतें काफी ज्यादा चढ़ी हैं। इस साल की शुरुआत में कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने भी गोल्ड की खरीदारी बढ़ाई थी। इसका असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ा था। 23 अगस्त को पॉवेल ने जैक्सन होल में अमेरिकी केंद्रीय बैंक के सालाना कॉन्फ्रेंस में कहा था कि दिशा स्पष्ट है।
विदेश में स्पॉट गोल्ड का प्राइस 2,500 रुपये
उन्होंने कहा था, "इंटरेस्ट रेट में कितनी और कब कमी होगी, यह आने वाले डेटा पर निर्भर करेगा। आगे के आउटलुक और रिस्क के बैलेंस का भी इसमें हाथ होगा।" सिल्वर, प्लैटिनम और पैलेडियम की कीमतें भी मजबूत चल रही हैं। विदेश में स्पॉट गोल्ड का प्राइस 2,500 से ऊपर बना हुआ है। बीते हफ्ते यह 2,531 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। इस साल गोल्ड ने निवेशकों को खुश किया है।
गोल्ड ने दिया 20 फीसदी रिटर्न
गोल्ड ने इस साल 20 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। अमेरिकी बैंक गोल्डमैन सैक्स ने अप्रैल में अपनी रिपोर्ट में कहा था कि गोल्ड की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 2,700 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती हैं। इंटरेस्ट रेट घटने पर गोल्ड की चमक बढ़ जाती है। इंटरेस्ट रेट घटने की उम्मीद से गोल्ड में तेजी का रुख है। पहली बार इसकी कीमत 2,500 डॉलर के पार चली गई है।
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इंपोर्ट ड्यूटी घटने से मांग बढ़ी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडिया में त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। इससे से गोल्ड की चमक बढ़ रही है। इंपोर्ट ड्यूटी में कमी के बाद गोल्ड की डिमांड बढ़ी है। टाइटन में ज्वेलेरी डिवीजन के सीईओ अजय चावला ने रायटर्स से कहा कि इंपोर्ट ड्यूटी घटने के बाद गोल्ड की डिमांड बढ़ी है।