गोल्ड की कीमतों में 1 अगस्त को मिलाजुला रुख दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड की कीमतों में स्थिरता दिखी, जबकि इंडिया में गोल्ड फ्यूचर्स में गिरावट थी। डॉलर में मजबूती का असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ा है। इस हफ्ते अब तक सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1.5 फीसदी गिर चुका है।
एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स पर दबाव
1 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold की कीमतें बगैर खास बदलाव के 3,292.18 डॉलर प्रति औंस चल रही थीं। हालांकि, यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.2 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 3,342.10 डॉलर प्रति औंस था। इधर, इंडिया में कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स पर दबाव दिखा। करीब 11:30 बजे एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स 0.33 फीसदी यानी 323 रुपये गिरकर 97,764 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था।
डॉलर इंडेक्स में मजबूती से गोल्ड की चमक घटी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुनिया की प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर में मजबूती है। डॉलर इंडेक्स 29 मई के बाद से सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। डॉलर में मजबूती से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख से डॉलर में मजबूती आई है। फेड ने 30 जुलाई को इंटरेस्ट रेट में बदलाव नहीं किया। इंटरेस्ट रेट्स घटने पर गोल्ड में तेजी आती है।
फिलहाल सोने पर दबाव जारी रहने के आसार
Marex में एनालिस्ट एडवार्ड मेर ने कहा कि करीब दो महीने से सोना 3,250-3,450 डॉलर प्रति औंस के दायरे में बना हुआ है। यह इस रेंज के निचले स्तर को तोड़ सकता है। इसका मतलब है कि फिलहाल गोल्ड पर दबाव जारी रह सकता है। यह गोल्ड में निवेश करने का अच्छा मौका है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी एसेट में कम कीमत पर निवेश करने से ज्यादा मुनाफा कमाने की संभावना बढ़ जाती है।
क्या आपको निवेश करना चाहिए?
फाइनेंशियल एडवाइजर्स का कहना है कि इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन के लिए गोल्ड में कुछ निवेश जरूरी है। इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी 5-10 फीसदी तक हो सकती है। गोल्ड ईटीएफ और म्यूचुअल फंड्स की गोल्ड स्कीम में भी निवेश किया जा सकता है। इनमें हर महीने सिप के जरिए भी इनवेस्ट किया जा सकता है।
गोल्ड में निवेश आपके इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो को सुरक्षा देता है। शेयरों में तेज गिरावट की स्थिति में यह आपको नुकसान से कुछ हद तक बचाता है। गोल्ड को सुरक्षित निवेश का सबसे अच्छा जरिया माना जाता है।