Gold Safe Asset or not: पिछले महीने 29 जनवरी को गोल्ड के भाव प्रति औंस $5,594 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। हालांकि अगले ही दिन इसमें करीब 10% की तेज गिरावट आई। इस तेज उतार-चढ़ाव ने गोल्ड की चमक में असामान्य हलचल को लेकर चीन का क्या रोल है, इसे लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है। अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने गोल्ड की कीमतों में तेज उठा-पटक को अव्यवस्थित बताया। इस तेज उठा-पटक ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या पहले जिस गोल्ड को सेफ हैवन एसेट माना जाता था, वह अब नहीं रहा? सवाल यह उठ रहा है कि क्या अब सेफ हैवन एसेट से इसमें स्पेक्युलेटिव फ्लो होने लगा है, खासतौर से चाइनीज रिटेल और इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स की बढ़ती भागीदारी के चलते?
