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Gold Safe Asset or not: गोल्ड नहीं रहा सेफ एसेट? अमेरिका ने इस कारण चीन पर उठाए सवाल, एक्सपर्ट ने किया सतर्क

Gold Safe Asset or not: लंबे समय से गोल्ड निवेश के सुरक्षित विकल्प यानी सेफ हैवन एसेट के तौर पर माना जाता रहा है। हालांकि इसकी हालिया ताबड़तोड़ तेजी और फिर तेज गिरावट ने इसकी छवि पर सवाल खड़े कर दिए। अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी ने भी इस पर सवाल उठाए हैं और इस तेज उठा-पटक को चीन से जोड़ा है। जानिए क्या कहा है उन्होंने

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Feb 15, 2026 पर 12:26 PM
Gold Safe Asset or not: गोल्ड नहीं रहा सेफ एसेट? अमेरिका ने इस कारण चीन पर उठाए सवाल, एक्सपर्ट ने किया सतर्क
Gold Safe Asset or not: एमकेएकस पैम्प की प्रमुख (रिसर्च और मेटल्स स्ट्रैटेजी) निकी शील्स का कहना है कि इस बार गोल्ड में जो तेजी आई है, वह मुख्य रूप से चीन के चलते आई। (File Photo- Pexels)

Gold Safe Asset or not: पिछले महीने 29 जनवरी को गोल्ड के भाव प्रति औंस $5,594 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। हालांकि अगले ही दिन इसमें करीब 10% की तेज गिरावट आई। इस तेज उतार-चढ़ाव ने गोल्ड की चमक में असामान्य हलचल को लेकर चीन का क्या रोल है, इसे लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है। अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने गोल्ड की कीमतों में तेज उठा-पटक को अव्यवस्थित बताया। इस तेज उठा-पटक ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या पहले जिस गोल्ड को सेफ हैवन एसेट माना जाता था, वह अब नहीं रहा? सवाल यह उठ रहा है कि क्या अब सेफ हैवन एसेट से इसमें स्पेक्युलेटिव फ्लो होने लगा है, खासतौर से चाइनीज रिटेल और इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स की बढ़ती भागीदारी के चलते?

क्या कहना है अमेरिका का?

फॉक्स न्यूज के एक प्रोग्राम संडे मॉर्निंग फ्यूचर्स में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि गोल्ड की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव चीन के बाजारों में उथल-पुथल को दिखाता है। उन्होंने कहा कि चीन में हालात कुछ अव्यवस्थित हो गए हैं, उन्हें मार्जिन की जरूरतों को कड़ा करना पड़ रहा है। स्कॉट के मुताबिक गोल्ड में एक क्लासिकल और स्पेक्यूलेटिव ब्लोऑफ जैसा लग रहा है। अभी कुछ समय पहले चीन के रेगुलेटर्स ने कीमतों में तेज उठा-पटक के बीच गोल्ड की ट्रेडिंग में कई बार जरूरी मार्जिन को बढ़ाया है।

क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?

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