Gold Rate: वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता का असर अब देश के सर्राफा बाजारों पर साफ दिखने लगा है। निवेशक एक बार फिर सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका सीधा फायदा सोने और चांदी को मिल रहा है। इसी वजह से मंगलवार को सोना और चांदी दोनों ने नए रिकॉर्ड बना दिए। ऐसे में निवेशकों के लिए बड़ा सवाल है कि क्या सोना-चांदी बेच कर प्रॉफिट बुक करें या इस दाम पर खरीदें या अभी इंतजार करें?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव पहली बार 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया। फरवरी डिलीवरी वाले सोने का भाव 6,861 रुपये यानी करीब 4.7 फीसदी की तेजी के साथ 1,52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड तेजी और रुपये की कमजोरी के कारण साल 2026 की शुरुआत से ही सोने में लगातार उछाल देखा जा रहा है।
चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 17,723 रुपये यानी करीब 6 फीसदी चढ़कर 3,27,998 रुपये प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई। इससे एक दिन पहले ही चांदी ने पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार किया था। बीते दो कारोबारी सत्रों में चांदी करीब 32,000 रुपये से ज्यादा महंगी हो चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो वहां भी कीमती धातुओं में जोरदार उछाल देखने को मिला। कॉमेक्स पर सोना 4,700 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया और चांदी 95 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच संभावित ट्रेड वॉर और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों को तरजीह दे रहे हैं।
इस तेजी का असर इंदौर के स्थानीय सर्राफा बाजार में भी देखने को मिला। मंगलवार को इंदौर में सोना 4,500 रुपये महंगा होकर करीब 1,52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी के भाव में 25,000 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई और इसका भाव 3,12,500 रुपये प्रति किलो के आसपास रहा। चांदी के सिक्के का भाव भी करीब 3,100 रुपये प्रति नग तक पहुंच गया।
कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है। जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात में स्थिरता नहीं आती और डॉलर-रुपये की चाल में बदलाव नहीं होता, तब तक सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता के साथ फैसले लेने का माना जा रहा है।