Gold Silver Price: सोने-चांदी में बरकरार रह सकती है तेजी, एक्सपर्ट बोले- अमेरिका से मिला संकेत
Gold Silver Price: सोने-चांदी में तेजी बरकरार रहने के संकेत हैं। कमजोर डॉलर, फेड चेयरमैन को लेकर अटकलें और भू-राजनीतिक तनाव से मेटल्स को सपोर्ट मिल रहा है। एक्सपर्ट के मुताबिक, सोने-चांदी के साथ कॉपर जैसे मेटल का आउटलुक मजबूत बना हुआ है। जानिए डिटेल।
कॉपर ने भी गोल्ड-सिल्वर की तरह मजबूत प्रदर्शन किया।
Gold Silver Price: 2025 के आखिरी महीने में निवेशक का माहौल काफी हद तक उत्साहजनक बना हुआ है। क्रिसमस के हफ्ते में पहले इक्विटी बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे। फिर इंडस्ट्रियल और कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कॉपर और सिल्वर दोनों नई ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए।
कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की सीनियर मैनेजर कायनात चैनवाला का कहना है कि अमेरिकी डॉलर कमजोर होकर 98 के आसपास बना रहा। बाजार में यह अटकलें तेज रहीं कि राष्ट्रपति ट्रंप फेडरल रिजर्व के लिए किसी डोविश यानी नरम रुख वाले चेयरमैन की नियुक्ति को तरजीह दे सकते हैं।
चैनवाला के मुताबिक, डॉलर के लिए इसे नकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इसके साथ पारंपरिक सैंटा क्लॉज रैली की उम्मीदों ने तीनों बड़े अमेरिकी शेयर सूचकांकों को रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा दिया।
धातुओं में ऐतिहासिक तेजी, सोना-चांदी चमके
इस हफ्ते असली स्टार परफॉर्मर धातुएं रहीं। सोना और चांदी दोनों नई ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए। साल के अंत में आई इस ऐतिहासिक तेजी के चलते ये धातुएं 1979 के बाद अपने सबसे बेहतरीन साल की ओर बढ़ रही हैं।
इस तेजी के पीछे कई वजहें रहीं। जैसे कि भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर डॉलर और आगे मौद्रिक नीति में ढील की उम्मीदें।
MCX गोल्ड: लगातार सातवां हफ्ता मजबूती का
MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स ने पिछले हफ्ते 1,39,940 रुपये प्रति 10 ग्राम का अब तक का सबसे ऊंचा साप्ताहिक क्लोजिंग दिया। यह लगातार सातवां हफ्ता रहा, जब सोने ने हफ्ते के अंत में बढ़त दर्ज की।
कीमतें अभी भी सुपरट्रेंड (7,3) के ऊपर बनी हुई हैं, जो यह संकेत देता है कि शॉर्ट-टर्म तेजी बरकरार है। आगे के लिए शुरुआती रेजिस्टेंस 1,42,000 रुपये और इसके बाद 1,44,000 रुपये के आसपास दिख रहा है। नीचे की ओर, पहला सपोर्ट 1,36,400 रुपये और अगला मजबूत सपोर्ट 1,32,900 रुपये के पास है।
कॉपर में भी रिकॉर्ड तेजी
कॉपर ने भी गोल्ड-सिल्वर की तरह मजबूत प्रदर्शन किया। MCX पर कॉपर करीब 13 फीसदी उछलकर 1,260 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। ग्लोबल मार्केट में LME कॉपर 12,200 डॉलर प्रति टन के ऊपर निकल गया, जबकि COMEX फ्यूचर्स 5.90 डॉलर प्रति पाउंड के करीब पहुंच गए। शंघाई एक्सचेंज पर भी कॉपर ने नए रिकॉर्ड बनाए।
2026 में माइन सप्लाई में रुकावट और संभावित पॉलिसी रिव्यू से पहले COMEX वेयरहाउस में स्टॉकपाइलिंग की वजह से ग्लोबल सप्लाई टाइट रहने की उम्मीदें कॉपर को सपोर्ट दे रही हैं।
चीन के संकेतों से मेटल्स को और मजबूती
चैनवाला के मुताबिक, चीनी रेगुलेटर्स ने 2026 से नए कॉपर और एल्युमिना प्रोजेक्ट्स पर सख्त निगरानी के संकेत दिए हैं। इससे सप्लाई पर अनुशासन बने रहने की उम्मीद और मजबूत हुई है।
एल्युमिनियम और जिंक ने भी हफ्ते का अंत बढ़त के साथ किया। एल्युमिनियम करीब 5 फीसदी और जिंक करीब 3 फीसदी चढ़ा।
2026 में कहां तक जाएगा गोल्ड
एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में सोने की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है, हालांकि रिटर्न की रफ्तार 2025 जैसी नहीं होगी। JM Financial Services में कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के मुताबिक, मौद्रिक नीति में ढील, डी-डॉलराइजेशन और ग्लोबल ट्रेड टेंशन जैसे फैक्टर अगले साल भी सोने को सपोर्ट देंगे।
उनका अनुमान है कि 2026 में MCX पर गोल्ड ₹1,50,000-1,55,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वहीं Angel One के DVP रिसर्च प्रथमेश माल्या का कहना है कि अमेरिकी फेड की ओर से ब्याज दरों में कटौती और सेफ-हेवन डिमांड के चलते 2026 की पहली छमाही में ही सोना ₹1,60,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर की ओर बढ़ सकता है।
चांदी पर और बुलिश एक्सपर्ट
चांदी को लेकर आउटलुक और ज्यादा बुलिश नजर आ रहा है। प्रणव मेर के मुताबिक, EV, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नए जमाने के सेक्टर्स से मजबूत इंडस्ट्रियल डिमांड, सोने के मुकाबले सस्ती वैल्यूएशन और ग्लोबल सप्लाई कंस्ट्रेंट्स चांदी को सपोर्ट दे रहे हैं।
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि MCX पर सिल्वर ₹2,75,000 प्रति किलो तक जा सकती है, जबकि इंटरनेशनल मार्केट में $80-85 प्रति औंस का स्तर संभव है। इसके अलावा, चीन द्वारा 2026 से सिल्वर एक्सपोर्ट पर लाइसेंस आधारित पाबंदी लगाने के फैसले से सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है, जो चांदी की कीमतों को और मजबूती दे सकता है।
आगे किन चीजों पर रहेगी नजर
आगे देखें तो छुट्टियों के चलते कम ट्रेडिंग वॉल्यूम शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव को और तेज बना सकता है। निवेशकों की नजरें FOMC मीटिंग के मिनट्स और साप्ताहिक अमेरिकी जॉबलेस क्लेम्स पर रहेंगी।
इसके अलावा, बाजार राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से अगले फेड चेयरमैन के नाम के ऐलान का भी इंतजार कर रहे हैं, जो आगे की मौद्रिक नीति की दिशा तय कर सकता है।
2025 के अंत में कमोडिटी आउटलुक मजबूत
कायनात चैनवाला का कहना है कि जैसे-जैसे 2025 का अंत नजदीक आ रहा है, कमोडिटी बाजार का ओवरऑल आउटलुक मजबूत नजर आता है। स्ट्रक्चरल सप्लाई बाधाएं, टैरिफ से पैदा हुए ट्रेड डिस्टॉर्शन और AI इंफ्रास्ट्रक्चर व रिन्यूएबल एनर्जी से बनी मजबूत मांग ने खासतौर पर कॉपर और सिल्वर को लेकर उम्मीदों को नई ऊंचाई दी है।
वहीं, सोना अब भी एक मजबूत हेज के तौर पर उभर रहा है, जिसे भू-राजनीतिक जोखिम, ट्रेड टेंशन और आगे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें लगातार सपोर्ट दे रही हैं।
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