चांदी का मार्केट कैप 4.220 लाख करोड़ डॉलर पर, NVIDIA को पछाड़कर बन सकती है दूसरा सबसे वैल्यूएबल एसेट

Silver Price: MCX पर चांदी की कीमतों में एक साल में 153.14 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। कॉमेक्स पर चांदी का स्पॉट प्राइस शुक्रवार को 75 डॉलर प्रति औंस को पार कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। मेटल्स के लिए सप्लाई में भारी कमी कीमतों को काफी ऊंचा रख रही है

अपडेटेड Dec 28, 2025 पर 12:27 PM
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MCX पर शुक्रवार को मार्च में डिलीवरी वाले सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट का वायदा भाव 242000 रुपये प्रति किलोग्राम के हाई तक चला गया था।

मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में चांदी ने एपल इंक और अल्फाबेट को पीछे छोड़ दिया है। अब यह NVIDIA Corporation को पछाड़ते हुए दुनिया का दूसरा सबसे वैल्यूएबल एसेट बनने की ओर आगे बढ़ रही है। दुनिया का मोस्ट वैल्यूएबल एसेट सोना है। companiesmarketcap.com के अनुसार, अभी चांदी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4.220 लाख करोड़ डॉलर है। यह NVIDIA के मार्केट कैप 4.592 लाख करोड़ डॉलर से सिर्फ 8.1 प्रतिशत कम है। शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 तक सोने का मार्केट कैपिटलाइजेशन 31.598 लाख करोड़ डॉलर था।

कॉमेक्स पर चांदी का स्पॉट प्राइस शुक्रवार को 75 डॉलर प्रति औंस को पार कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानि कि MCX पर शुक्रवार को मार्च में डिलीवरी वाले सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट का वायदा भाव 242000 रुपये प्रति किलोग्राम के हाई तक चला गया था। बाद में यह 240935 रुपये प्रति किलोग्राम पर सेटल हुआ।

कॉमेक्स और शंघाई स्टॉक एक्सचेंज पर चांदी की कीमत में 7 डॉलर का अंतर


इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता का कहना है, "जिस तरह से चांदी आगे बढ़ रही है, यह NVIDIA को पीछे छोड़कर दूसरा सबसे कीमती एसेट बन सकती है। कॉमेक्स और शंघाई (स्टॉक एक्सचेंज) पर चांदी की कीमत में लगभग 7 डॉलर का अंतर होने से चांदी का ग्लोबल आर्बिट्रेज सिस्टम और प्राइस डिस्कवरी मैकेनिज्म कोलैप्स हो गया है। आम तौर पर, यह अंतर 1 डॉलर से कम होता है। चांदी की कीमत सभी को और भी हैरान कर सकती है, क्योंकि इसे लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) वॉल्ट से निकालकर चीन भेजा जा रहा है। चीन का चांदी भंडार एक दशक के सबसे निचले स्तर पर है। इससे वहां चांदी के दाम ज्यादा मिल रहे हैं।

क्या तेजी की रफ्तार रहेगी बरकरार?

MCX पर चांदी की कीमतों में एक साल में 153.14 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। सोने ने इसी अवधि में 79.75 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। चांदी में रैली के पीछे मजबूत औद्योगिक मांग, सुरक्षित निवेश के लिए खरीदारी और ग्लोबल सप्लाई में लगातार कमी अहम कारण हैं। चांदी में हालिया उछाल अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से रेट कट की बढ़ती उम्मीदों के कारण आया। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की अगली मीटिंग 27-28 जनवरी, 2026 को होने वाली है। ट्रेडर्स प्रमुख ब्याज दर में 350-375 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं। रेट कट हुआ तो सोने और चांदी जैसे सेफ एसेट्स में निवेश बढ़ सकता है और कीमतें उछल सकती हैं। दिसंबर की मीटिंग में फेड ने ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी।

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मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी का कहना है, “मेटल्स के लिए सप्लाई में भारी कमी कीमतों को काफी ऊंचा रख रही है। बड़े बुलियन बैंकों को अपने पेपर सिल्वर को असली फिजिकल सिल्वर से कवर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और फिजिकल सिल्वर उपलब्ध नहीं है। यह उन्हें Comex से अपने वेयरहाउस स्टॉक को खाली करने के लिए भी मजबूर कर रहा है। चीन भी 1 जनवरी, 2026 से चांदी के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार है। इससे अन्य बाजारों में चांदी की उपलब्धता में कमी आएगी।” ऐसा होने पर चांदी के भाव में और इजाफा होने का अनुमान है।

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