Gold Silver Price: सोने और चांदी के भाव में आई तेजी, क्या फिर रिकॉर्ड ऊंचाई पर जाएगा भाव? जानिए एक्सपर्ट से
Gold Silver Price: सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई। डॉलर की मजबूती और फेड की सख्त नीति के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। जानिए क्या फिर रिकॉर्ड ऊंचाई छू सकता है सोने का भाव और एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं।
भारत में अंतरराष्ट्रीय बाजार की तरह सोमवार को सोने के भाव में उछाल देखने को मिला।
Gold Silver Price: सोने की कीमतों में सोमवार (3 नवंबर) को बढ़त देखने को मिली। बेशक अमेरिकी डॉलर के मजबूत हुआ है। साथ ही, फेडरल रिजर्व ने संकेत दिया है कि आगे ब्याज दरों में कटौती की ज्यादा उम्मीद नहीं है। इससे गोल्ड में निवेशकों की दिलचस्पी थोड़ी घटी है। फिर भी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार, दोनों जगह गोल्ड प्राइस में तेजी दिखी।
अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सोने का भाव
स्पॉट गोल्ड दोपहर 2.15 बजे तक 0.31% की बढ़त के साथ 4,016.86 डॉलर प्रति औंस पर था। वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.76% बढ़कर 4,026 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। हालांकि, सोना अपने 20 अक्टूबर के रिकॉर्ड 4,381.21 डॉलर प्रति औंस के स्तर से अभी भी करीब 9% नीचे है।
OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग के मुताबिक, 'डॉलर की मजबूती फिलहाल सोने की बड़ी बढ़त को रोक रही है।'
भारत में गोल्ड और सिल्वर प्राइस
भारत में अंतरराष्ट्रीय बाजार की तरह सोमवार को सोने के भाव में उछाल देखने को मिला। दोपहर 2.18 तक MCX पर गोल्ड प्राइस 51% की बढ़त के साथ 1,21,845 रुपये प्रति 10 ग्राम पर थी। इसी तरह चांदी के भाव में भी तेजी देखने को मिली। यह 1,49,213 रुपये प्रति किलो के भाव पर थी, जो 0.65% की तेजी है।
वहीं, खुले बाजार की बात करें, तो सोमवार को सोने की कीमतें इस प्रकार रहीं। 24 कैरेट सोना ₹1,23,170 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट ₹1,12,900 प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट ₹92,380 प्रति 10 ग्राम। दिल्ली में चांदी ₹154 प्रति ग्राम या ₹1,54,000 प्रति किलोग्राम रही।
फेड की सख्त नीति से निवेशक सजग
29 अक्टूबर को फेडरल रिजर्व ने इस साल दूसरी बार ब्याज दरों में कटौती की थी, लेकिन चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बयान से साफ हुआ कि आगे राहत की गुंजाइश सीमित है। CME FedWatch Tool के मुताबिक, दिसंबर में एक और दर कटौती की संभावना अब 90% से घटकर 71% रह गई है।
आमतौर पर सोना तब मजबूत होता है जब ब्याज दरें कम हों या अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता बढ़े। लेकिन इस समय बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है और बॉन्ड यील्ड ऊंची हैं। इससे सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ी है।
अमेरिका-चीन सौदे से बाजार में उम्मीद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुए समझौते के बाद बाजार में सकारात्मक माहौल दिखा। दोनों देशों ने टैरिफ घटाने पर सहमति जताई है। अमेरिका ने आयात शुल्क 57% से घटाकर 47%, जबकि चीन ने सोयाबीन की खरीद और रेयर अर्थ एक्सपोर्ट बढ़ाने का वादा किया है।
साथ ही, चीन ने सोने की बिक्री पर मिलने वाली 6% वैट छूट खत्म कर दी है। इससे स्थानीय सोने की कीमतें थोड़ी बढ़ सकती हैं और मांग कुछ हद तक घट सकती है।
निवेश बढ़ा, लेकिन ज्वेलरी की बिक्री धीमी
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, तीसरी तिमाही में गोल्ड ETF में 222 टन की इनफ्लो हुई। बार और कॉइन की मांग 300 टन से ऊपर बनी रही। केंद्रीय बैंकों की गोल्ड खरीद भी तिमाही दर तिमाही 28% बढ़कर 220 टन तक पहुंच गई।
हालांकि, ज्वेलरी की मांग लगातार छठी तिमाही में घटकर 371 टन रह गई है, क्योंकि ऊंची कीमतों ने ग्राहकों की खरीदारी पर असर डाला।
3-5% के मूवमेंट की उम्मीद
ऑगमोंट गोल्डटेक के अनुसार, सोना फिलहाल $3,920 से $4,060 प्रति औंस (₹1.19-1.22 लाख प्रति 10 ग्राम) के दायरे में है। वहीं चांदी $46 से $49 प्रति औंस (₹1.41.5 लाख प्रति किलोग्राम) के बीच ट्रेड हो रही है। इन स्तरों से बाहर निकलने पर कीमतों में 3-5% का मूवमेंट देखने को मिल सकता है।
ट्रेडर्स अब अमेरिका के ADP रोजगार आंकड़ों और ISM PMI रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था और मौद्रिक नीति की दिशा तय कर सकते हैं। एनालिस्ट का कहना है कि फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में ही रहेंगी। वहीं, चांदी भी इसी रेंज में उतार-चढ़ाव दिखाएगी।