सोने की कीमतों में 3 मार्च को लगातार पांचवें दिन तेजी दिखी। मध्यपूर्व में लड़ाई की वजह से इनवेस्टर्स कम रिस्क वाले एसेट्स में निवेश कर रहे हैं। हालांकि, शुरुआती कारोबार में गोल्ड में नरमी दिखी। लेकिन, जल्द कीमतें हरे निशान में आ गईं। हालांकि, चांदी में दबाव देखने को मिला। इधर, भारत में 3 मार्च को होली के मौके पर कमोडिटी एक्सचेंज में सिर्फ आधे दिन का कारोबार होगा। शाम का सेशन 5 बजे से शुरू होगा।
कॉमेक्स पर सोने में तेजी और चांदी में गिरावट
कॉमेक्स पर गोल्ड भारतीय समय के अनुसार, दोपहर 1:30 बजे 0.58 फीसदी चढ़कर 5,342 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। सिल्वर का प्राइस 1.76 फीसदी गिरकर 87.30 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। 2 मार्च को गोल्ड और सिल्वर में तेजी आई थी। चांदी का भाव एक समय 91 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया था।
चांदी में गिरावट की वजह मुनाफावसूली
एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ सेशंस में तेजी के बाद इनवेस्टर्स अब मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे चांदी में नरमी देखने को मिल रही है। हालांकि, जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ रहा है। इससे सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिलेगा। उधर, डॉलर में मजबूती आई है, जिसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है। डॉलर में मजबूती आने पर सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ती है, जबकि डॉलर में कमजोरी आने पर कीमती मेटल्स की चमक बढ़ जाती है।
सोने और चांदी पर डॉलर में मजबूती का असर
दुनिया की प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर कई हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंच गया है। इससे दूसरे करेंसी में सोना-चांदी सहित दूसरी कमोडिटीज महंगी हो जाती है। 2 मार्च को एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स 2.53 फीसदी चढ़कर 1.66 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। हालांकि, सिल्वर 0.9 फीसदी की गिरावट के साथ 2.80 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने के आसार
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान की लड़ाई थमने के संकेत नहीं है। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक सीनियर अफसर ने कहा है कि होर्मुज की खाड़ी को बंद कर दिया गया है। उसने कहा है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान हमला करेगा। ईरानी मीडिया ने यह खबर दी है। 28 फरवरी को इस लड़ाई के शुरू होने के बाद होर्मुज की खाड़ी को लेकर पहली ईरान ने यह धमकी दी है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
निवेशकों को सोने और चांदी को खरीदने और बेचने में सावधानी बरतने की सलाह है। फिलहाल सोने और चांदी की कीमतें स्ट्रॉन्ग बने रहने की उम्मीद है। जो इनवेस्टर्स ऊंची कीमतों का फायदा उठाना चाहते हैं वे कुछ मुनाफावसूली कर सकते हैं। अगर आप खरीदारी करना चाहते हैं तो बीच-बीच में आने वाली गिरावट के मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए कर सकते हैं।