Gold Silver Prices: ग्लोबल मार्केट से मिले मजबूत संकेतों के बीच गुरुवार को दिल्ली में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। वहीं सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आई। बाजार की दिशा पर इस समय भू-राजनीतिक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतों का असर साफ दिख रहा है।
चांदी में तेजी, सोना गिरा
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, चांदी ₹1,700 बढ़कर ₹2,58,700 प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पहुंच गई। इससे पहले इसका भाव ₹2,57,000 प्रति किलोग्राम था। यानी चांदी में करीब 1% की तेजी दर्ज की गई है, जिसकी वजह मजबूत मांग और ग्लोबल संकेत बताए जा रहे हैं।
इसके उलट 24 कैरेट वाला सोना ₹200 गिरकर ₹1,57,800 प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे पहले यह ₹1,58,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, सोना गुरुवार को सीमित दायरे में ट्रेड करता रहा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास जारी तनाव के चलते अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ी, जिससे सोने पर दबाव बना।
इसके अलावा डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में सुधार ने भी सोने और चांदी जैसी धातुओं की तेजी को सीमित किया।
अमेरिका-ईरान बातचीत का असर
हालांकि बाजार में थोड़ा पॉजिटिव माहौल भी देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश संघर्ष विराम को दो हफ्ते और बढ़ा सकते हैं ताकि बातचीत आगे बढ़ सके।
इसका असर यह हुआ कि कच्चे तेल की कीमतें नीचे बनी रहीं, जिससे महंगाई का डर कम हुआ और सोने में बड़ी गिरावट नहीं आई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर करीब 1% बढ़कर 79.61 डॉलर प्रति औंस हो गया। वहीं सोना 18.36 डॉलर यानी 0.38% बढ़कर 4,809.16 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया।
सोना करीब 4,811 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना रहा। यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि इजरायल और लेबनान के बीच भी संघर्ष विराम हो सकता है।
बाजार को और क्या मिला सपोर्ट
ईरान की तरफ से ओमान के रास्ते जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने के संकेत भी बाजार के लिए राहत भरे रहे। इसके अलावा गोल्ड ETF में बढ़ती होल्डिंग्स ने भी कीमती धातुओं को सपोर्ट दिया है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक अमेरिका-ईरान बातचीत पर कोई साफ दिशा नहीं मिलती, तब तक सोना एक सीमित दायरे में ही बना रह सकता है। अगर समझौता होता है, तो तेल और महंगाई का दबाव कम होगा, जिससे सोने को सपोर्ट मिल सकता है।
लेकिन अगर तनाव फिर बढ़ता है या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कोई रुकावट आती है, तो तेल महंगा हो सकता है। ऐसे में सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।