Gold-Silver Prices: सुनहरा दौर खत्म? एक्सपर्ट बोले- अब सुरक्षित निवेश नहीं रहे सोना-चांदी

Gold-Silver Prices: सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 40% तक गिर चुके हैं और एक्सपर्ट अब इन्हें सुरक्षित निवेश नहीं मान रहे। जानिए गोल्ड-सिल्वर पर एक्सपर्ट का नजरिया अब नकारात्मक क्यों हो रहा है।

अपडेटेड Apr 02, 2026 पर 3:14 PM
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सोना इस महीने 1980 के दशक के बाद की सबसे बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा है।

Gold-Silver Prices: ईरान युद्ध की शुरुआत से ही गोल्ड की कीमतों में लगातार कमजोरी दिख रही है। यह $4,600 प्रति औंस के आसपास है। लेकिन, ईरान युद्ध के बाद करीब 12% टूट चुका है। गोल्ड ने $5,594 प्रति औंस का अपना ऑल टाइम हाई इस साल जनवरी में बनाया था। भारत में भी यह 1.80 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा था। वहां से यह अब लगभग 18% नीचे है।

एक्सपर्ट का मानना है कि गोल्ड की कीमतों में अब निकट भविष्य में भारी तेजी मुश्किल है। यह अब रेंज बाउंड हो सकता है यानी उतार-चढ़ाव के साथ इसकी कीमतें एक सीमित दायरे में घूमेंगी।

जनवरी का हाई टूटना क्यों मुश्किल?


रिसर्च प्लेटफॉर्म ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस में सीनियर मैक्रो स्ट्रैटिजिस्ट माइक मैकग्लोन (Mike McGlone) का मानना है कि जनवरी में बना हाई आने वाले कई सालों के लिए बड़ा टॉप साबित हो सकता है। अप्रैल के मेटल्स आउटलुक में मैकग्लोन ने कहा कि साल की शुरुआत का तेज उछाल ही अब गोल्ड के लिए मुश्किल बन रहा है।

फरवरी के अंत तक सोना Bloomberg Commodity Spot Index के मुकाबले अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। साथ ही, यह अपने 60 महीने के औसत से 1980 के बाद सबसे ज्यादा प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा था।

2025 की रैली और 1980 जैसा पैटर्न

मैकग्लोन के मुताबिक, 2025 में सोने की रैली 1979 के बाद सबसे मजबूत रही। उनका कहना है कि यह तेजी ईरान युद्ध की आशंका को पहले ही दिखा रही थी।

वह मानते हैं कि 2026 का हाई लेवल 1980 जैसा हो सकता है। उस समय सोना करीब $850 प्रति औंस तक गया था और फिर 2008 तक उसी के आसपास अटका रहा।

सेफ-हेवन से बन रहा है रिस्की एसेट

मैकग्लोन ने कहा कि अब सोने की प्रकृति बदलती दिख रही है। पहले इसे सुरक्षित निवेश माना जाता था, लेकिन अब इसमें जोखिम बढ़ गया है।

उन्होंने बताया कि सोने की 180 दिन की वोलैटिलिटी S&P 500 से दोगुनी से ज्यादा हो चुकी है और 2006 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है।

सोने में महीने की बड़ी गिरावट

सोना इस महीने 1980 के दशक के बाद की सबसे बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा है। फिलहाल स्पॉट गोल्ड करीब $4,630 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है, जो इस महीने में करीब 12% नीचे है।

चांदी में भी टॉप बनने के संकेत

मैकग्लोन ने सिर्फ सोने ही नहीं, चांदी को लेकर भी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जनवरी में चांदी का $120 प्रति औंस तक पहुंचना भी एक ऐतिहासिक टॉप हो सकता है। भारत में भी उस दौरान चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई थी। वहां से यह 40% टूट चुकी है।

उन्होंने बताया कि चांदी का दाम तेल और तांबे के मुकाबले पहली तिमाही में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।

आगे क्या तय करेगा सोने की दिशा?

मैकग्लोन बेशक सोने को लेकर ज्यादा सकारात्मक नहीं हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अभी बाजार में बड़ी अनिश्चितता पैदा कर रहा है।

उनके मुताबिक, आगे कीमतें पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेंगी कि यह संघर्ष किस दिशा में जाता है। अगर युद्ध लंबा चलता है या सीजफायर होता है, तो सोना $5,000 प्रति औंस के ऊपर टिक सकता है। लेकिन अगर ईरान पीछे हटता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सुरक्षित रहता है, तो कीमतें वापस $4,000 तक आ सकती हैं।

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