Gold Silver Prices: सोना-चांदी में फिर तेजी, खरीदारी का मौका या बेचकर निकलने का समय? जानिए एक्सपर्ट से

Gold Silver Prices: सोना और चांदी में फिर तेजी आई है, लेकिन एक्सपर्ट निकट अवधि में उतार चढ़ाव की चेतावनी दे रहे हैं। जानिए MCX और CME के अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस लेवल, फेड संकेतों का असर और निवेशकों के लिए सही स्ट्रैटेजी क्या हो सकती है।

अपडेटेड Feb 18, 2026 पर 9:12 PM
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LPK सिक्योरिटीज के जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, सोना सकारात्मक रुख में ट्रेड कर रहा है।

Gold Silver Prices: बुधवार 18 फरवरी को घरेलू और वैश्विक बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में फिर तेजी दिखी। हालांकि एनालिस्ट का कहना है कि निकट अवधि में उतार चढ़ाव बना रह सकता है। इसकी वजह बदलते भू राजनीतिक संकेत और अमेरिका के आने वाले आर्थिक आंकड़े हैं। ऐसे में खरीदारों को सतर्क रहना चाहिए।

MCX पर कीमतों में उछाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना फ्यूचर्स ₹1,885 यानी 1.2% बढ़कर ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। मार्च 5, 2026 सेटलमेंट वाली चांदी फ्यूचर्स ₹4,556 यानी 2% चढ़कर ₹2.33 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड लगातार दो सत्र की गिरावट के बाद संभलकर करीब 4,940 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। चांदी भी उछलकर 76 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

फेड संकेत और ईरान वार्ता का असर

Kotak Securities में AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, ट्रेडर्स इस समय अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी FOMC की बैठक के मिनट्स, अमेरिका के कोर PCE महंगाई आंकड़े और फेड अधिकारियों के बयानों पर नजर रख रहे हैं। इनसे ब्याज दरों की दिशा का संकेत मिलेगा।

हाल के बयानों में फेड अधिकारियों की राय अलग अलग रही है। फेड गवर्नर माइकल बार ने कुछ समय तक दरें स्थिर रखने की बात कही है। वहीं शिकागो फेड के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने संकेत दिया है कि अगर महंगाई 2% के लक्ष्य के करीब आती है तो दरों में कटौती हो सकती है।

सोना पहले दबाव में आ गया था, जब ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित परमाणु समझौते के सिद्धांतों पर सामान्य सहमति का संकेत दिया। इससे भू राजनीतिक तनाव कुछ कम हुआ। एशियाई बाजारों में लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहा। कम लिक्विडिटी के चलते कीमतों में तेज और अचानक उतार चढ़ाव देखा गया।

गोल्ड का सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

LPK सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, सोना सकारात्मक रुख में ट्रेड कर रहा है। कीमत में करीब ₹1,500 यानी 1% की बढ़त दर्ज हुई और यह ₹1,52,850 तक पहुंच गया। CME गोल्ड को 4,850 डॉलर के आसपास सपोर्ट मिला और वहां से रिकवर होकर यह 4,915 डॉलर की ओर बढ़ा।

हालांकि, व्यापक ट्रेंड अभी भी कमजोर संकेत दे रहा है। चार्ट पर लगातार निचले उच्च स्तर और निचले निचले स्तर बन रहे हैं। उनके मुताबिक, CME पर 5,000 डॉलर के ऊपर निर्णायक ब्रेक मिलने पर ही शॉर्ट टर्म कमजोरी खत्म होगी और तेजी की धार दोबारा मजबूत हो सकती है।

त्रिवेदी ने कहा कि आगे आने वाले सत्रों में फेड की बैठक के मिनट्स और चीन के बाजार खुलने से अस्थिरता बढ़ सकती है। घरेलू बाजार में सोने के लिए तत्काल सपोर्ट करीब ₹1,48,000 पर है, जबकि रेजिस्टेंस ₹1,55,000 के आसपास बना हुआ है।

सोने का ट्रेंड रुका है, टूटा नहीं

India Bullion & Jewellers Association IBJA की वाइस प्रेसिडेंट अक्षा कम्बोज के मुताबिक, हाल की ऊंचाई से सोने में तेज मुनाफावसूली हुई है। मजबूत डॉलर और कमोडिटी बाजार में व्यापक बिकवाली इसका कारण रही। हालांकि उन्होंने कहा कि सोना अभी भी पिछले हफ्तों के मुकाबले ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि का ट्रेंड पूरी तरह बदला नहीं है, बल्कि फिलहाल ठहराव में है।

चांदी में गिरावट ज्यादा तेज रही क्योंकि इसमें उतार चढ़ाव अधिक होता है और यह निवेश के साथ साथ औद्योगिक धातु भी है। इनवेस्टमेंट सेंटीमेंट और औद्योगिक मांग दोनों का असर इस पर पड़ता है। लेकिन तेज गिरावट के बाद अक्सर खरीदारी लौटती है।

निवेशक क्या रणनीति अपनाएं

Stockify के फाउंडर और सीईओ पीयूष झुनझुनवाला का कहना है कि मौजूदा दौर में सोना और चांदी पोर्टफोलियो को संतुलित रखने का काम करते हैं। उन्होंने सलाह दी कि निवेशक अल्पकालिक सट्टेबाजी से बचें। बेहतर है कि व्यवस्थित निवेश रणनीति अपनाई जाए। कुल निवेश का 5% से 10% हिस्सा सोना और चांदी में रखा जा सकता है, जोखिम क्षमता के अनुसार। एकमुश्त निवेश के बजाय चरणबद्ध निवेश करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

निवेश के विकल्पों में गोल्ड और सिल्वर ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और हाई गुणवत्ता वाला फिजिकल बुलियन शामिल हैं। निवेश से पहले टैक्स और लिक्विडिटी को ध्यान में रखना जरूरी है। आर्थिक अनिश्चितता के समय कीमती धातुएं संपत्ति की सुरक्षा और पोर्टफोलियो की अस्थिरता कम करने में मदद करती हैं।

ज्वेलरी सेक्टर में नई पहल

बुलियन कीमतों में उतार चढ़ाव के बीच ज्वेलरी सेक्टर में गतिविधि जारी है। पुणे स्थित Caratix Jovella की नई ब्रांड DAIMANTÉ ने भारतीय लग्जरी ज्वेलरी बाजार में एंट्री की है।

कंपनी खुद को AI आधारित ग्रीन लक्जरी ब्रांड के रूप में पेश कर रही है। ब्रांड के अनुसार, डिजाइन पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किए जाते हैं। बाद में कारीगर पारंपरिक भारतीय शिल्प कौशल के साथ उन्हें अंतिम रूप देते हैं।

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