Gold Silver Prices: सोमवार (25 मई) को सोने और चांदी की कीमतों में अच्छी तेजी देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदों ने भी बाजार का माहौल बेहतर किया है। इससे वैश्विक सप्लाई बाधित होने की आशंकाएं कम हुई हैं और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,565 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया, जो दिनभर में 1% से ज्यादा की बढ़त दिखाता है। वहीं स्पॉट सिल्वर करीब 78 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था और इसमें 3% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।
डॉलर कमजोर होने से बढ़ी खरीदारी
डॉलर इंडेक्स सोमवार को कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा। यह दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापता है। जब डॉलर कमजोर होता है तो दूसरे देशों के निवेशकों के लिए सोना और चांदी खरीदना सस्ता पड़ता है। यही वजह है कि डॉलर में गिरावट आने पर अक्सर कीमती धातुओं की मांग बढ़ जाती है और कीमतों को सहारा मिलता है।
घरेलू बाजार में सोने-चांदी का हाल
घरेलू बाजार की बात करें तो जून डिलीवरी वाले एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर्स बढ़तर कारोबार करते दिखे। दोपहर 2.15 बजे तक यह करीब 400 रुपये बढ़कर 1,59,081 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था।
दूसरी ओर एमसीएक्स का सबसे ज्यादा कारोबार वाला चांदी का अनुबंध 1.7% यानी 4700 रुपये की बढ़त के साथ 2,76,650 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। आमतौर पर एमसीएक्स में सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों को फॉलो करती हैं।
शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता काफी हद तक तय हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द दोबारा खोला जा सकता है।
ट्रंप के इस बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। तेल सस्ता होने से महंगाई बढ़ने की चिंता कम होती है। इसी वजह से सोने को भी समर्थन मिला और पिछले सप्ताह आई गिरावट के बाद इसकी कीमतों में सुधार देखने को मिला।
केसीएम ट्रेड के मुख्य बाजार विश्लेषक टिम वॉटरर ने रॉयटर्स से कहा कि ट्रंप लगातार बाजार को यह संकेत दे रहे हैं कि ईरान के साथ किसी तरह का समझौता हो सकता है। अगर ऐसा होता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुल जाता है तो तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। महंगाई के नजरिए से यह स्थिति सोने के लिए सकारात्मक मानी जा रही है।
फेड के नए चेयरमैन पर भी नजर
शुक्रवार को केविन वॉर्श ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन के रूप में शपथ ली। उन्होंने जेरोम पॉवेल की जगह ली है। वॉर्श को अपेक्षाकृत सख्त मौद्रिक नीति का समर्थक माना जाता है। इसलिए निवेशकों की नजर अब उनके अगले कदमों पर भी रहेगी। आगे चलकर बाजार अमेरिकी जीडीपी के आंकड़ों और पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों पर भी नजर रखेगा।
तनाव के बाद भी 13% नीचे है सोना
सोमवार की तेजी के बावजूद सोने की कीमतें अभी भी 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में तनाव शुरू होने के बाद के स्तर से करीब 13% नीचे बनी हुई हैं। यानी हाल की रिकवरी के बावजूद सोना अब तक अपनी पिछली ऊंचाइयों तक नहीं पहुंच पाया है।
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