Gold-Silver Prices: नए साल में 13% उछली चांदी, सोने में भी तेजी बरकरार; जानिए आगे कैसी रहेगी चाल
Gold-Silver Prices: नए साल की शुरुआत में सोना और चांदी जबरदस्त तेजी में हैं। वैश्विक तनाव, फेड की अनिश्चितता और भू-राजनीतिक जोखिमों के चलते निवेशक सेफ-हेवन एसेट्स की ओर बढ़ रहे हैं। आगे बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। जानिए डिटेल।
भारत में फरवरी डिलीवरी वाला सोना हाल ही में 1,42,340 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया
Gold-Silver Prices: सोना और चांदी ने 2026 की शुरुआत जबरदस्त तेजी के साथ की है। चांदी साल के शुरुआती दिनों में ही करीब 13 फीसदी चढ़ चुकी है। वहीं, सोना पिछले 12 महीनों में लगभग 85 फीसदी उछल चुका है। यह तेजी बताती है कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक एक बार फिर सेफ-हेवन एसेट्स की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
घरेलू बाजार का हाल
घरेलू बाजार में भी यही ट्रेंड दिख रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना मंगलवार को मामूली कमजोरी के साथ 1,41,731 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। एक दिन पहले यह अपने ऑलटाइम हाई पर पहुंच चुका था।
वहीं चांदी की मार्च फ्यूचर्स कीमत बढ़त के साथ करीब 2,69,369 रुपये प्रति किलो पर कारोबार करती दिखी। सोने में हल्की गिरावट को मुनाफावसूली माना जा रहा है, न कि ट्रेंड में बदलाव।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड स्तर
वैश्विक स्तर पर सोना थोड़ी देर के लिए 4,600 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया। चांदी 86 डॉलर से ऊपर पहुंच गई। एक्सपर्ट के मुताबिक, यह तेजी राजनीतिक, संस्थागत और भू-राजनीतिक जोखिमों के एक साथ बढ़ने का नतीजा है। निवेशक ऐसे माहौल में सोने-चांदी को सबसे सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
फेड और राजनीति ने बढ़ाई चिंता
बाजार में घबराहट उस समय और बढ़ गई, जब खबरें आईं कि अमेरिकी फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स ने फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पॉवेल का कहना है कि यह दबाव डालकर ब्याज दरों में कटौती कराने की कोशिश है। सेंट्रल बैंक की स्वतंत्रता पर सवाल उठते ही फिएट करेंसी पर भरोसा कमजोर होता है। इसका सीधा फायदा सोने और चांदी को मिलता है।
वैश्विक मोर्चे पर तनाव जारी
भू-राजनीतिक मोर्चे पर हालात और भी तनावपूर्ण हैं। अमेरिका ने वेनेजुएला में अपनी सक्रियता बढ़ाई है, जबकि ईरान में अशांति के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है।
यूक्रेन युद्ध, चीन-जापान के बीच तनाव और ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की बयानबाजी ने भी अनिश्चितता बढ़ाई है। इसके अलावा, ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25 फीसदी पेनल्टी लगाने की चेतावनी ने ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट को और कमजोर किया है।
घरेलू कीमतों में ऐतिहासिक उछाल
भारत में फरवरी डिलीवरी वाला सोना हाल ही में 1,42,340 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जो 2025 की शुरुआत के मुकाबले 85 फीसदी से ज्यादा की बढ़त है।
चांदी की कीमतें करीब 2.7 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं, यानी एक साल में 200 फीसदी से ज्यादा का उछाल। इस प्रदर्शन ने चांदी को दुनिया की सबसे बेहतर रिटर्न देने वाली एसेट्स में शामिल कर दिया है।
टेक्निकल लेवल क्या कह रहे हैं
टेक्निकल नजरिये से भी तेजी की गुंजाइश बनी हुई है। रिद्धिसिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर पृथ्वीराज कोठारी के मुताबिक, सोने ने 4,570 डॉलर के पुराने रेजिस्टेंस को मजबूती से पार कर लिया है।
उन्होंने कहा कि अब अगला टारगेट 4,745 से 4,750 डॉलर और उसके बाद 4,966 से 4,970 डॉलर तक जा सकता है। चांदी में फिबोनाची लेवल्स के हिसाब से 88 और 93 डॉलर के स्तर दिख रहे हैं। 70 डॉलर का जोन मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए सावधानी जरूरी
हालांकि, बाजार के जानकार चेतावनी भी दे रहे हैं। बीते एक साल जैसी असाधारण तेजी आगे भी उसी रफ्तार से जारी रहे, यह जरूरी नहीं। मौजूदा ऊंचे स्तरों पर उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और अगर भू-राजनीतिक या नीतिगत जोखिम कम हुए, तो तेज करेक्शन भी संभव है।
रिटेल निवेशकों के लिए संदेश
रिटेल निवेशकों के लिए साफ संकेत है कि सोना और चांदी पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने में आगे भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन अब सिर्फ तेजी के पीछे भागने के बजाय सोच-समझकर, संतुलित और रणनीतिक तरीके से निवेश करना ज्यादा जरूरी होगा। अनिश्चितता के इस दौर में धैर्य और अनुशासन ही सबसे बड़ी कुंजी रहेंगे।
Disclaimer:यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।