Gold Buying Trends: सोने की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने महिलाओं की खरीदारी की आदतों को भी बदल दिया है। जहां पहले महिलाएं त्योहारों और शुभ अवसरों पर नए गहने खरीदना पसंद करती थीं, अब वे पुराने गहनों को एक्सचेंज करके नए खरीदने को तरजीह दे रही हैं।
महिलाएं नई खरीदने की जगह पुरानी ज्वैलरी कर रही है एक्सचेंज
पिछले दो सालों में सोने की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। उदाहरण के लिए दो साल पहले 10 ग्राम 22 कैरेट की सोने कीमत लगभग 52,000 रुपये थी, जो अब 89,000 रुपये से ज्यादा हो गई है। वहीं, ज्वेलरी खरीदने पर मेकिंग चार्जेस लगने से 25-30% तक एक्स्ट्रा खर्च हो जाता है। ऐसे में महिलाएं सीधे नई ज्वेलरी खरीदने के बजाय पुराने गहनों को एक्सचेंज कर रही हैं।
नहीं खरीद रही पुरानी ज्वैलरी
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिसर्च हेड कविता चाको बताती हैं कि आज 40-45% खरीदार पुराने गहनों के एक्सचेंज के जरिए खरीदारी कर रहे हैं। वहीं, कुछ महिलाएं तो अब ऊंचे दामों की वजह से अक्षय तृतीया जैसे शुभ दिनों पर भी नई ज्वेलरी नहीं खरीद रही थी।
कम वजन की ज्वैलरी का बढ़ा चलन
इसके अलावा कई महिलाएं छोटे बजट में कम कैरेट की हल्की ज्वेलरी लेना पसंद कर रही हैं। कुछ महिलाएं गहनों की गोल्ड सेविंग स्कीम्स भी अपना रही हैं, जिसमें हर महीने एक तय अमाउंट जमा कर अंत में एक साथ अमाउंट से गहने खरीद रही हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि ऐसी स्कीम्स में सावधानी जरूरी है। अगर ज्वेलर भरोसेमंद नहीं हुआ, तो आपकी सेविंग खतरे में पड़ सकती है।
गोल्ड म्यूचुअल फंड है बेहतर
एक्सपर्ट्स गोल्ड म्यूचुअल फंड में SIP करने की सलाह देते हैं, जहां आपकी अमाउंट सीधे सोने के दामों से जुड़ी रहती है और पैसे कभी भी निकाले जा सकते हैं। कुल मिलाकर, सोने की बढ़ती कीमतों के चलते महिलाएं अब ज्यादा सोच-समझकर और रणनीतिक तरीके से ज्वेलरी खरीद रही हैं, जिससे उनका भरोसेमंद निवेश बना रहे और जेब पर बोझ भी न पड़े।